नई दिल्ली।
लूनर न्यू ईयर 2026 के मौके पर वियतनाम के पर्यटन क्षेत्र में आने वाले बड़े उछाल में भारत की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। दक्षिण कोरिया, चीन, जापान, मलेशिया और फिलीपींस जैसे देशों के साथ-साथ भारत अब वियतनाम के लिए एक प्रमुख राजस्व बढ़ाने वाला पर्यटन स्रोत बनकर उभरा है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, आसान वीज़ा प्रक्रिया और भारतीय पर्यटकों में एशियाई सांस्कृतिक पर्यटन के प्रति बढ़ती रुचि ने वियतनाम को भारतीय यात्रियों के लिए खास आकर्षण बना दिया है।
पर्यटन उद्योग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, 2026 के टेट यानी वियतनाम के लूनर न्यू ईयर उत्सव के दौरान भारत से पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। भारतीय मध्यम वर्ग की बढ़ती क्रय शक्ति, अंतरराष्ट्रीय यात्रा के प्रति बढ़ता रुझान और कम दूरी के एशियाई गंतव्यों की लोकप्रियता इस ट्रेंड को मजबूत कर रही है।
ट्रैवल कंपनियों का कहना है कि भारतीय पर्यटक खास तौर पर वियतनाम की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक टेट उत्सव, स्थानीय खानपान और प्राकृतिक सौंदर्य को लेकर उत्साहित हैं। हनोई, हो ची मिन्ह सिटी, दा नांग और हॉलॉन्ग बे जैसे गंतव्य भारतीय ट्रैवल पैकेजों में सबसे ज्यादा मांग में हैं। टेट के दौरान फूलों के बाजार, पारंपरिक समारोह और पारिवारिक उत्सव भारतीय पर्यटकों को एक अलग सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करते हैं।
भारत और वियतनाम के बीच बढ़ती सीधी उड़ानों ने इस पर्यटन प्रवाह को और आसान बना दिया है। नई दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों से वियतनाम के प्रमुख शहरों के लिए फ्लाइट कनेक्टिविटी बेहतर होने से यात्रा समय और लागत दोनों में कमी आई है। यही वजह है कि 2026 के लूनर न्यू ईयर सीजन को लेकर ट्रैवल बुकिंग में पहले से ही तेज़ी देखी जा रही है।
वियतनाम के साथ-साथ भारत के लिए भी यह पर्यटन संबंध आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अहम माने जा रहे हैं। भारतीय टूर ऑपरेटरों ने टेट-विशेष पैकेज तैयार किए हैं, जिनमें सांस्कृतिक टूर, स्थानीय उत्सवों में भागीदारी और पारंपरिक व्यंजनों का अनुभव शामिल है। इससे भारतीय पर्यटकों को त्योहार के असली रंगों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब केवल एक उभरता हुआ नहीं, बल्कि एक स्थिर और भरोसेमंद आउटबाउंड टूरिज्म मार्केट बन चुका है। वियतनाम जैसे देशों के लिए भारतीय पर्यटक लंबी अवधि के विकास का आधार बन सकते हैं। लूनर न्यू ईयर 2026 इस बदलते समीकरण का स्पष्ट उदाहरण बनकर सामने आ सकता है।
कुल मिलाकर, लूनर न्यू ईयर 2026 के दौरान वियतनाम में आने वाले पर्यटन उछाल में भारत की भूमिका केंद्रीय होती जा रही है। यह न केवल दोनों देशों के पर्यटन संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि एशिया में भारत की बढ़ती ट्रैवल पावर को भी रेखांकित करेगा।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

