नई दिल्ली. 242 यात्रियों से भरा एअर इंडिया का विमान एआई-171 गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद 12 जून 2025 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विमान पास स्थित एक मेडिकल अस्पताल की इमारत से जा टकराया. हादसे को कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इस भीषण विमान दुर्घटना की असली वजह पूरी तरह सामने नहीं आ सकी है.
इस बीच अमेरिका के एविएशन सेफ्टी कैंपन ग्रुप ने बड़ा दावा किया है. संगठन का कहना है कि एअर इंडिया के बोइंग 787 विमान में पहले से ही गंभीर तकनीकी खामियां मौजूद थीं.अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने से पहले भी विमान को कई बार तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा था.
फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (एफएएस) ने 12 जनवरी 2026 को अमेरिकी संसद में अपनी जांच रिपोर्ट जमा की. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्न्रस् की जांच में सामने आया है कि एअर इंडिया के बेड़े में शामिल होने के बाद से ही इस विमान में तकनीकी दिक्कतें लगातार बढ़ती गईं. एफएएस के मुताबिक, विमान के इंजीनियरिंग, गुणवत्ता और रखरखाव में गंभीर कमियां थीं. रिपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, सर्किट ब्रेकर के बार-बार ट्रिप होने, खराब वायरिंग, शॉर्ट सर्किट, बिजली आपूर्ति में कमी और पावर सिस्टम के अधिक गर्म होने जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है.
एफएएस के दावों पर बोइंग की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है. बोइंग के प्रवक्ता ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हैं. भारत में हुई विमान दुर्घटना को लेकर जो भी फैसला लेगा, हम उसका सम्मान करेंगे. हालांकि, इस पूरे मामले पर एअर इंडिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की प्रारंभिक रिपोर्ट में संकेत दिए गए थे कि फ्यूल स्विच बंद होने की स्थिति में विमान क्रैश हुआ. इस घटना की तुलना पहले हुए बोइंग 737 मैक्स विमान हादसों से भी की गई थी.
एफएएस ने अपनी रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि बोइंग 787 प्रोजेक्ट अपने तय शेड्यूल से करीब तीन साल पीछे चल रहा है और इसका बजट अरबों डॉलर तक पहुंच चुका है. रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में उड़ान भर रहे बोइंग 787 के 2000 से अधिक विमानों में किसी न किसी स्तर पर सिस्टम फेलियर की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि बोइंग 787 का निर्माण वर्ष 2011 में पूरा हुआ था और दिसंबर 2013 में इसने पहली उड़ान भरी. 28 जनवरी 2014 को यह विमान एअर इंडिया को सौंपा गया और 8 फरवरी 2014 को इसने अपनी पहली व्यावसायिक उड़ान भरी थी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-


