शनि का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, कैरियर और धन के क्षेत्र में लाएगा बड़े बदलाव, जानें अपनी राशि पर प्रभाव

शनि का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, कैरियर और धन के क्षेत्र में लाएगा बड़े बदलाव, जानें अपनी राशि पर प्रभाव

प्रेषित समय :21:52:29 PM / Thu, Jan 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ज्योतिष शास्त्र के आकाश मंडल में न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनि देव ने 20 जनवरी 2026 को एक अत्यंत महत्वपूर्ण नक्षत्र परिवर्तन किया है जिसने ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रवाह को पूरी तरह बदल दिया है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि देव ने पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र की सीमा को छोड़कर अपने ही स्वामित्व वाले उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया है जहां वे आगामी 17 मई 2026 तक विराजमान रहेंगे। शनि का अपने ही नक्षत्र में आना ज्योतिषीय दृष्टि से एक असाधारण घटना मानी जाती है क्योंकि जब कोई ग्रह अपने स्व-नक्षत्र में होता है तो वह अपनी पूर्ण शक्ति और शुभता के साथ फल देने में सक्षम होता है।

उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र को 'भाग्य का उदय' और 'गहरा आत्मज्ञान' देने वाला माना जाता है जिसके स्वामी स्वयं शनि देव हैं और इसके देवता अहिर्बुध्न्य हैं जो गहरे समुद्र और ज्ञान के प्रतीक हैं। इस गोचर के साथ ही करियर, व्यवसाय, नौकरी और धन के क्षेत्र में कई ऐसे शुभ संयोग बन रहे हैं जो पिछले कई वर्षों के संघर्ष को समाप्त कर सकते हैं। वैदिक ज्योतिष के साथ-साथ पाश्चात्य ज्योतिष यानी वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी भी इस गोचर को शनि के 'डिग्निटी' में आने के रूप में देख रही है जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यक्तिगत जीवन में स्थिरता आने की प्रबल संभावना है। शनि की यह स्थिति कर्मों के अनुसार फल देने की उनकी प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाएगी जिससे जो लोग ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं उन्हें पद-प्रतिष्ठा और अपार धन लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा लेकिन मेष और वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है।

मेष राशि के जातकों के लिए शनि का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर किसी वरदान से कम नहीं रहने वाला है क्योंकि वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि आपकी राशि से एकादश भाव यानी लाभ स्थान में गोचर कर रहे हैं और अपने ही नक्षत्र में होने के कारण आपके आय के स्रोतों में जबरदस्त वृद्धि करेंगे। वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी के अनुसार शनि का यह प्रभाव आपके सामाजिक दायरे और भविष्य की योजनाओं को नई दिशा देगा जिससे करियर में लंबे समय से अटकी हुई पदोन्नति अब हकीकत में बदल सकती है। यदि आप व्यवसाय क्षेत्र से जुड़े हैं तो 17 मई 2026 तक का यह समय नए व्यापारिक समझौतों और विस्तार के लिए सबसे उत्तम है जहां आपको पुराने निवेशों से भी भारी मुनाफा मिलने के संकेत हैं।

शनि देव की इस नक्षत्र स्थिति के कारण आपकी निर्णय लेने की क्षमता में परिपक्वता आएगी जिससे आप कार्यस्थल पर अपने विरोधियों को पछाड़ने में सफल रहेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए विदेशी कंपनियों से सुनहरे अवसर मिल सकते हैं और जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए सफलता के द्वार खुलते नजर आ रहे हैं। भाग्य का साथ मिलने से आपके अटके हुए कानूनी मामले सुलझ सकते हैं और पत्रक संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद आपके पक्ष में समाप्त हो सकता है। धन संचय के मामले में यह गोचर आपको बहुत अनुशासित बनाएगा जिससे आप भविष्य के लिए एक बड़ा फंड तैयार कर पाएंगे। पाश्चात्य ज्योतिष के नजरिए से देखें तो यह समय आपके 'नेटवर्किंग' के लिए अद्भुत है जहां बड़े पदों पर बैठे लोग आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार साबित होंगे।

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि देव का यह नक्षत्र परिवर्तन उनके कर्म भाव यानी दशम स्थान को ऊर्जा से भर देगा जिससे आपके पेशेवर जीवन में बड़े क्रांतिकारी बदलाव आने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में शनि की उपस्थिति आपके करियर की नींव को इतना मजबूत कर देगी कि आने वाले कई वर्षों तक आपको पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ेगा। इस दौरान आपके ऊपर काम का बोझ बढ़ सकता है लेकिन शनि की स्व-नक्षत्र स्थिति आपको वह धैर्य और शक्ति प्रदान करेगी जिससे आप हर चुनौती को अवसर में बदल लेंगे। जो लोग अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं या व्यवसाय में कोई बड़ा बदलाव लाना चाहते हैं उनके लिए 17 मई तक का समय वित्तीय लाभ और स्थिरता लेकर आ रहा है। वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी के अनुसार शनि का यह गोचर आपके सार्वजनिक जीवन और प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि करेगा जिससे समाज और कार्यस्थल पर आपकी एक नई पहचान बनेगी। नौकरी में आपको बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है जिससे न केवल आपका वेतन बढ़ेगा बल्कि आपके अधिकारों में भी वृद्धि होगी।

धन के मामले में वृषभ राशि वालों को अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं विशेष रूप से यदि आपका काम तकनीक, लोहा, तेल या भूमि से जुड़ा है। शनि देव की कृपा से आपके भाग्य का पहिया अब सकारात्मक दिशा में घूमेगा जिससे पिछले समय में किए गए निवेश अब फल देने लगेंगे। यह समय आपके पिता के साथ संबंधों को सुधारने और उनके सहयोग से धन कमाने का भी है। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी आप पहले से अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे और पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी। कुल मिलाकर शनि का अपने ही नक्षत्र में गोचर वृषभ राशि के जातकों को सफलता के उस शिखर पर ले जा सकता है जिसकी उन्होंने केवल कल्पना की थी बशर्ते वे अपनी मेहनत और ईमानदारी को बरकरार रखें।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-