नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक पुराना लेकिन भरोसेमंद नाम फिर से सुर्खियों में है। रेनॉल्ट डस्टर एक बार फिर भारतीय सड़कों पर लौटने को तैयार है और 26 जनवरी को इसका न्यू-जेनरेशन मॉडल आधिकारिक तौर पर पेश किया जा रहा है। मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में कभी क्रांति लाने वाली डस्टर की वापसी को रेनॉल्ट के लिए “करो या मरो” वाला दांव माना जा रहा है, क्योंकि बीते कुछ वर्षों से कंपनी भारतीय बाजार में सीमित बिक्री और कमजोर पोर्टफोलियो से जूझ रही है।
रेनॉल्ट डस्टर को पहली बार भारत में 2012 में लॉन्च किया गया था और इसी मॉडल ने मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट को लोकप्रिय बनाया। दमदार डिजाइन, मजबूत सस्पेंशन और खराब सड़कों पर शानदार परफॉर्मेंस की वजह से डस्टर जल्द ही ग्राहकों की पसंद बन गई। हालांकि 2015 में हुंडई क्रेटा के लॉन्च के बाद इस सेगमेंट की तस्वीर बदलने लगी। बाद में किआ सेल्टोस की एंट्री ने मुकाबले को और भी कठिन बना दिया। लगातार गिरती बिक्री के चलते रेनॉल्ट को 2022 में डस्टर को भारतीय बाजार से हटाना पड़ा।
अब चार साल बाद रेनॉल्ट एक नई रणनीति और नए अवतार के साथ डस्टर को फिर से उतारने जा रही है। यह वापसी ऐसे समय हो रही है जब मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट भारत का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट बन चुका है। सरकारी और उद्योग के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2024 में इस सेगमेंट में 5.38 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2025 में इसमें 13 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई और आंकड़ा 6.09 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गया। साफ है कि रेनॉल्ट की नजर इसी बड़े और मुनाफे वाले बाजार हिस्से पर टिकी है।
नई जेनरेशन रेनॉल्ट डस्टर को कंपनी के आधुनिक CMF-B प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर कई रेनॉल्ट और डेसिया मॉडल्स का आधार है। इस प्लेटफॉर्म से कार की स्ट्रक्चरल मजबूती, राइड क्वालिटी और सेफ्टी में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि नई डस्टर पहले से ज्यादा आरामदायक, ज्यादा सुरक्षित और भारतीय सड़कों के लिए और भी बेहतर साबित हो सकती है।
डिजाइन के मोर्चे पर नई डस्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह एसयूवी अब पहले से ज्यादा मस्कुलर और बोल्ड लुक के साथ आएगी। नए डिजाइन वाला फ्रंट फेसिया, चौड़ी ग्रिल, आधुनिक एलईडी हेडलैंप और ज्यादा आक्रामक बॉडी क्लैडिंग इसे एक सच्ची एसयूवी पहचान देने की कोशिश करते नजर आते हैं। साइड प्रोफाइल में बड़े अलॉय व्हील्स और शार्प शोल्डर लाइन कार को ज्यादा मजबूत लुक देती है, जबकि पीछे की ओर नए एलईडी टेललैंप और अपडेटेड बंपर इसे प्रीमियम फील देने का दावा करते हैं।
केबिन के अंदर भी रेनॉल्ट इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। नई डस्टर में बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस फोन चार्जिंग और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा बेहतर सीट कम्फर्ट, ज्यादा केबिन स्पेस और स्मार्ट स्टोरेज सॉल्यूशंस पर भी खास ध्यान दिया गया है, ताकि यह एसयूवी परिवार और लंबी यात्राओं दोनों के लिए आकर्षक बन सके।
सेफ्टी के मामले में भी नई डस्टर से काफी उम्मीदें हैं। इसमें मल्टीपल एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल स्टार्ट असिस्ट, ट्रैक्शन कंट्रोल, रियर पार्किंग कैमरा और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे फीचर्स दिए जा सकते हैं। कंपनी के प्रीमियम वेरिएंट्स में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम यानी ADAS फीचर्स शामिल किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है, जो इस सेगमेंट में अब तेजी से मानक बनते जा रहे हैं।
इंजन विकल्पों को लेकर फिलहाल कंपनी ने पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि भारतीय बाजार में नई डस्टर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ आएगी। यह इंजन मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों गियरबॉक्स विकल्पों में उपलब्ध हो सकता है। ग्लोबल मार्केट में मौजूद हाइब्रिड विकल्पों को फिलहाल भारत में लाए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। साथ ही, ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम भी भारतीय वर्जन में शायद न मिले, क्योंकि कंपनी की प्राथमिकता कीमत को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने पर होगी।
कीमत की बात करें तो अनुमान है कि नई रेनॉल्ट डस्टर की एक्स-शोरूम कीमत करीब 10 लाख रुपये से शुरू होकर 19 लाख रुपये तक जा सकती है। यही वह रेंज है जिसमें हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस, मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर, स्कोडा कुशाक, वोक्सवैगन टाइगुन, एमजी एस्टर और होंडा एलिवेट जैसी गाड़ियां पहले से मौजूद हैं। ऐसे में डस्टर के लिए इस भीड़ भरे सेगमेंट में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होगा।
रेनॉल्ट के लिए यह लॉन्च बेहद अहम माना जा रहा है। कंपनी फिलहाल भारतीय बाजार में सिर्फ क्विड, ट्राइबर और काइगर जैसे सीमित मॉडल्स पर निर्भर है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 में रेनॉल्ट की बिक्री 92 हजार यूनिट्स से ज्यादा थी, जो वित्त वर्ष 2025 तक घटकर करीब 38 हजार यूनिट्स रह गई। ऐसे में नई डस्टर से कंपनी को अपनी खोई हुई पकड़ दोबारा हासिल करने की उम्मीद है।
आज होने वाले लॉन्च के बाद कीमत, वेरिएंट्स और फीचर्स की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। इतना तय माना जा रहा है कि रेनॉल्ट डस्टर की वापसी से मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में मुकाबला और भी तेज होने वाला है, और इसका सीधा फायदा आखिरकार भारतीय ग्राहकों को मिल सकता है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

