रांची. झारखंड की राजधानी रांची में पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप और पत्रकारों के समक्ष खड़ी चुनौतियों पर चर्चा के लिए एक बड़ा मंच सजने जा रहा है. झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के तत्वावधान में आगामी 31 जनवरी से स्थानीय रांची प्रेस क्लब के परिसर में दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. अनिल मिश्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के पत्रकार और राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल होकर वर्तमान दौर में मीडिया की विश्वसनीयता और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे.
कार्यक्रम के पहले दिन 'नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स' के प्रमुख राष्ट्रीय पदाधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक निर्धारित है. इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु पत्रकारिता के सामने आ रही राष्ट्रीय चुनौतियां और यूनियन की भविष्य की रूपरेखा तैयार करना होगा. इस सत्र में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा, असम और बिहार से वरिष्ठ पत्रकार प्रतिनिधि रांची पहुंच रहे हैं. यह बैठक न केवल सांगठनिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के बदलते मीडिया परिदृश्य में पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक साझा रणनीति बनाने का माध्यम भी बनेगी.
आयोजन के दूसरे दिन झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें 'फर्जी पत्रकारिता' के बढ़ते खतरे पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी. यूनियन का मानना है कि फर्जी पत्रकारिता के कारण वास्तविक और निष्ठावान पत्रकारों की छवि धूमिल हो रही है, जिससे पूरे पत्रकार जगत को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है. इस संवेदनशील विषय पर चर्चा के लिए राज्य के उन प्रमुख राजनेताओं को भी आमंत्रित किया गया है, जिन्हें अक्सर इस समस्या का सामना करना पड़ता है. दूसरे दिन के सत्र में संगठन को नए सिरे से पुनर्गठित करने और जिलों में सक्रियता बढ़ाने पर भी मंथन होगा, जिसमें झारखंड के पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो और सिंहभूम जैसे तमाम जिलों के प्रतिनिधि अपने विचार साझा करेंगे.
इस दो दिवसीय सम्मेलन को झारखंड में पत्रकारिता की मजबूती के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. रांची प्रेस क्लब में होने वाले इस वैचारिक समागम से यह उम्मीद जताई जा रही है कि पत्रकारिता की शुचिता को बनाए रखने और फील्ड में काम करने वाले संवाददाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस प्रस्ताव पारित होगा. कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह का माहौल है और राज्यभर से पत्रकारों का रांची पहुंचना शुरू हो गया है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

