एमपी के सबसे बड़े गांजा तस्करी मामले में 24 माह बाद फैसला, दो आरोपियों को 12 साल की सजा

एमपी के सबसे बड़े गांजा तस्करी मामले में 24 माह बाद फैसला, दो आरोपियों को 12 साल की सजा

प्रेषित समय :15:18:14 PM / Mon, Feb 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर स्थित तिलवारा क्षेत्र में 27 अगस्त 2023 में ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर आ रही करोड़ों रुपए का गांजे  की खेप को पुलिस ने पकड़ा था. पुलिस ने ट्रक से 1200 किलो गांजा बरामद किया है. दो साल तक चले इस मामले में एनडीपीएस विशेष कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 12-12 साल की सजा और डेढ़-डेढ़ लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया.

बताया जा रहा है कि अवैध गांजा परिवहन को लेकर यह मध्यप्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. मामले में अभी भी कुछ आरोपी फरार हैंए जिनकी तलाश जारी है. गौरतलब है कि 2023 में विधानसभा चुनाव होने थे, लिहाजा तत्कालीन जबलपुर आईजी उमेश जोगा के निर्देश पर पुलिस सघन चेकिंग अभियान में जुटी हुई थी. तिलवारा थाना प्रभारी सरिता बर्मन भी थाना स्टाफ के साथ वाहन चेकिंग में जुटी हुई थी.

मुखबिर के बताए ट्रक को रोकने के बाद जब उसकी तलाशी ली गई तो पीछे बड़ी.बड़ी लकडिय़ां भरी हुईं थी. एक बार तो पुलिस को लगा कि सूचना गलत है. ड्राइवर महेश कुमार और हेल्पर मोहम्मद शकील मंसूरी से भी पूछताछ की गई लेकिन वो कुछ बताने को तैयार नहीं थे. ट्रक केबिन में जब पुलिस की नजर पड़ी तो एक खुफिया रास्ता मिला, जिसमें कि गांजा के बड़े.बड़े पैकेट छिपाए गए थे.

लकडिय़ों के पीछे छिपाकर रखा था गांजा-

ट्रक के पीछे बड़ी.बड़ी लकडिय़ां भरी थी और उसके अंदर केबिन था, जिसमें कि सैकड़ों किलो गांजा छिपा था. पुलिस ने 40 मजदूरों की मदद से जब ट्रक को खाली किया तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई. तस्करों ने गांजा छिपाने के लिए खास तरह से ट्रक को मॉडिफाई किया था.

5 से 30 किलो तक के पैकेट-

तिलवारा थाना प्रभारी सरिता बर्मन ने टीम के साथ मिलकर ट्रक के खुफिया रास्ते में घुसकर उसमें रखा करीब 1200 किलो गांजा बाहर निकला. गांजे के पैकेट 5 किलो से लेकर 10 किलोए 20 किलो, 25 किलो और 30 किलो के पैकेट बना रखे थे. पुलिस गिरफ्त में आए ड्राइवर महेश और हेल्पर मोहम्मद खलील से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उड़ीसा से गांजा लाकर कई प्रदेश में देना है. इसके लिए पैकेट में गांजा रखे हुए थे. आरोपियों ने बताया कि गांजा को ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र होते हुए हरियाणा में खपाना था. इसके अलावा राजस्थान में भी गांजा की डिलीवरी होना था.

मास्टर माइंड फरार, फाइल खुली रहेगी-

1200 किलो गांजे की कीमत करीब 2 करोड़ और 20 लाख के ट्रक को जब्त करने के बाद केस एनडीपीएस विशेष कोर्ट में चला. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महेश कुमार और मोहम्मद शकील को 12-12 साल की सजा और डेढ़.डेढ़ लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया है. इस केस में छह अन्य भी आरोपी बनाए गए थे, जिसमें कि चार आज भी फरार है. ऐसे में इस केस की फाइल अभी भी खुली रहेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-