जबलपुर। सोशल मीडिया पर लाइक और व्यू पाने की होड़ में नाबालिग बच्चों द्वारा खतरनाक और भ्रामक वीडियो बनाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां दो किशोरों ने सब्जी काटने वाले चाकू के साथ इंस्टाग्राम पर रील बनाकर वायरल कर दी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों किशोरों को पकड़कर समझाइश दी और उनके परिजनों को भी चेतावनी जारी की है।
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोलानी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सोशल मीडिया पर वायरल एक रील के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी। वायरल वीडियो में दो किशोर रसोई में उपयोग होने वाले चाकू को हाथ में लेकर उसे लहराते हुए वीडियो बना रहे थे और उसे इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया था। वीडियो में दोनों किशोर खुद को प्रभावशाली दिखाने और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रहे थे। वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वीडियो की जांच करते हुए किशोरों की पहचान की और उन्हें उनके घर से बुलाकर थाना लाया गया। पूछताछ के दौरान दोनों किशोरों ने बताया कि उन्होंने केवल लाइक और व्यू बढ़ाने के उद्देश्य से यह वीडियो बनाया था और उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है। पुलिस ने दोनों किशोरों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों और कानून संबंधी जानकारी देते हुए कड़ी समझाइश दी। इसके साथ ही उनके अभिभावकों को भी बुलाकर बच्चों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की सलाह दी गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह के वीडियो युवाओं और बच्चों को गलत दिशा में प्रेरित कर सकते हैं। कई बार ऐसे वीडियो देखकर अन्य किशोर भी खतरनाक स्टंट या हथियारों का प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं, जिससे गंभीर घटनाएं होने की आशंका रहती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में इस तरह की गतिविधियां दोहराई जाती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रांझी पुलिस ने नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान रखें और उन्हें सुरक्षित तथा सकारात्मक उपयोग के लिए प्रेरित करें। पुलिस का कहना है कि तकनीक का सही उपयोग युवाओं के भविष्य को बेहतर बना सकता है, लेकिन गलत उपयोग समाज और स्वयं बच्चों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी की जा रही है ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




