गेहूं के दाम में उछाल, जबलपुर समेत प्रदेश की मंडियों में 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा भाव

गेहूं के दाम में उछाल, जबलपुर समेत प्रदेश की मंडियों में 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा भाव

प्रेषित समय :15:17:23 PM / Wed, Feb 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्यप्रदेश की कृषि मंडियों में इस समय गेहूं के दाम में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल रही है और जबलपुर सहित प्रदेश की कई प्रमुख मंडियों में गेहूं का भाव 2300 रुपये से बढ़कर 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. गेहूं के बढ़ते दाम किसानों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं और मंडियों में आवक बढ़ने के बावजूद बेहतर कीमत मिलने से किसानों में उत्साह देखा जा रहा है. 

जबलपुर कृषि उपज मंडी में भी इन दिनों गेहूं की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है और गुणवत्ता के आधार पर किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है.

 मंडी में व्यापारियों के अनुसार इस समय गेहूं की मांग लगातार बनी हुई है. मिलर्स और व्यापारियों द्वारा अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं की खरीदी अधिक की जा रही है, जिसके कारण ऊंचे दाम मिल रहे हैं. मंडी में आने वाले गेहूं की गुणवत्ता के अनुसार भाव में अंतर देखा जा रहा है. सामान्य गुणवत्ता वाले गेहूं का भाव 2300 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है, जबकि बेहतर गुणवत्ता और साफ-सुथरे गेहूं को 2600 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक कीमत मिल रही है. किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार गेहूं के दाम बेहतर मिल रहे हैं, जिससे उत्पादन लागत की भरपाई होने की उम्मीद बढ़ी है.

जबलपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे पाटन, सिहोरा, मझौली और कुंडम क्षेत्र से किसान बड़ी मात्रा में गेहूं मंडी लेकर पहुंच रहे हैं. किसानों का कहना है कि इस बार मौसम अनुकूल रहने से गेहूं की गुणवत्ता अच्छी रही है, जिसका सीधा फायदा मंडी में मिल रही कीमतों के रूप में मिल रहा है. हालांकि किसानों ने परिवहन लागत और मजदूरी बढ़ने की समस्या भी बताई है, लेकिन बेहतर दाम मिलने से वे संतुष्ट नजर आ रहे हैं.

प्रदेश की अन्य मंडियों में भी गेहूं के दाम में तेजी देखी जा रही है. भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, कटनी और रीवा सहित कई जिलों की मंडियों में गेहूं के भाव 2400 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किए गए हैं. इंदौर और उज्जैन जैसी बड़ी व्यापारिक मंडियों में उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं की मांग अधिक होने के कारण वहां किसानों को अपेक्षाकृत बेहतर कीमत मिल रही है. नरसिंहपुर और होशंगाबाद क्षेत्र में भी गेहूं उत्पादन अधिक होने के कारण मंडियों में अच्छी आवक देखने को मिल रही है और व्यापारियों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण भाव मजबूत बने हुए हैं.

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में गेहूं के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण हैं. घरेलू बाजार में गेहूं की मांग बढ़ना, उत्पादन लागत में वृद्धि और गुणवत्ता आधारित खरीदी जैसे कारण प्रमुख माने जा रहे हैं. इसके अलावा आटा मिलों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदे जाने से भी बाजार में मांग बनी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल बना रहा और मंडियों में आवक संतुलित रही तो आने वाले समय में भी गेहूं के दाम स्थिर और मजबूत बने रह सकते हैं.

 मंडी के व्यापारियों का कहना है कि इस समय बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं की विशेष मांग है. कई व्यापारी दूसरे जिलों से भी गेहूं खरीदकर जबलपुर मंडी में ला रहे हैं. मंडी में खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और किसानों को भुगतान भी समय पर किया जा रहा है. मंडी प्रशासन द्वारा व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

किसानों का कहना है कि बेहतर दाम मिलने से वे भविष्य में गेहूं उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे. कई किसानों ने बताया कि यदि इसी प्रकार बाजार में कीमतें मजबूत बनी रहती हैं तो वे आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करेंगे. किसानों ने सरकार से समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के बीच संतुलन बनाए रखने की मांग भी की है ताकि किसानों को उचित लाभ मिल सके.

प्रदेश के कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष गेहूं उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है. विभाग द्वारा किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और सिंचाई सुविधाओं के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि यदि किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलता है तो कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

कटनी, सागर और रीवा जैसे जिलों की मंडियों में भी किसानों को गेहूं के अच्छे दाम मिल रहे हैं. इन क्षेत्रों में किसानों का कहना है कि बाजार में मांग अधिक होने के कारण व्यापारियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे उन्हें लाभ मिल रहा है. वहीं कुछ किसानों ने यह भी कहा कि यदि भंडारण और परिवहन सुविधाएं बेहतर हो जाएं तो किसानों को और अधिक फायदा मिल सकता है.

कृषि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू खपत का भी गेहूं के दाम पर प्रभाव पड़ता है. यदि निर्यात की संभावनाएं बढ़ती हैं तो किसानों को और बेहतर कीमत मिल सकती है. फिलहाल प्रदेश की मंडियों में गेहूं की कीमतों में तेजी किसानों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है. जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में मंडियों में बढ़ती गतिविधियों से कृषि व्यापार को भी गति मिल रही है और आने वाले समय में यह रुझान किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-