आखिर? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक किसने बंद कर, विपक्ष का सवाल

आखिर? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक किसने बंद कर, विपक्ष का सवाल

प्रेषित समय :22:11:23 PM / Mon, Feb 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र/पटना 

बिहार विधान परिषद में  में बजट सत्र के पांचवें दिन आखिर?मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की माइक किसने बंद किया . बिहार प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक बंद करने पर विपक्षी पार्टियों ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर किया है. दरअसल बिहार प्रदेश में लम्बे अरसे तक राज करने वाले लालू प्रसाद यादव परिवार के करीबी और राष्ट्रीय जनता दल के कोटे से विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह ने सवाल उठाया है.इस बीच उन्होंने पूछा कि किसके इशारे पर नीतीश कुमार का माइक बंद किया गया? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो कह रहे थे उसे सभी को सुनने का अधिकार था. ये कैसी स्थिति आ गई है कि जहां मुख्यमंत्री का माइक बंद कर दिया जा रहा है.

इसके थोड़ी देर बाद ही विधान परिषद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. ये सबकुछ जब हुआ, उस वक्त चेयर पर रामवचन राय मौजूद थे.बिहार विधान परिषद की कार्यवाही सोमवार को शुरू होते ही सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला. दरभंगा से जुड़े मामले को राजद के एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने उठाया, जिसके बाद राजद के सभी सदस्य अपनी सीटों से खड़े हो गए.इस बीच विपक्ष ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और विपक्ष के सदस्य वेल में आ गये. इस दौरान सदन में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. दोनों नेता एक-दूसरे की ओर हाथ दिखाते हुए आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे, जिससे माहौल और ज्यादा गरमा गया. विपक्ष के सदस्य मुख्यमंत्री हाय-हाय के नारे लगाते रहे.

वहीं, राजद एमएलसी दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब बोल रहे थे, तब सुनियोजित साजिश के तहत उनके माइक को बंद कर दिया गया.  दरअसल, बजट सत्र के पांचवे दिन विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई. प्रश्नकाल शुरू होते ही राजद सदस्य ने जहानाबाद निवासी और पटना में रह रही नीट छात्रा के बलात्कार और हत्या मामला एवं पप्पू यादव की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेर रहे थे.इस बीच विपक्षी सदस्य वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे.इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में पहुंच गए.

विपक्षी सदस्यों के वेल में आकर प्रदर्शन करते देख, नीतीश कुमार हत्थे से उखड़ गए. हंगामा होते देख सदन नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट पर खड़े हो गए और नेता विरोधी दल राबड़ी देवी को निशाने पर लिया.इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में जोर-जोर से बोलने लगे.जैसे ही मुख्यमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए, सत्ता पक्ष सक्रिय हो गया.ट्रेजरी बेंच की दूसरी कतार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ठीक पीछे बैठे जेडीयू विधान पार्षद संजय गांधी बेचैन हो उठे. बेचैनी इस कदर थी कि मुख्यमंत्री के बोलने के दौरान ही वे अपनी सीट से उठकर नीतीश कुमार के समीप जाकर खड़े हो गए.चूंकि सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण हो रहा था, लिहाजा वे खुद से माइक बंद नहीं कर सकते थे.

लिहाजा इशारा किया जाने लगा कि मुख्यमंत्री की आवाज को म्यूट कर दिया जाय.क्षण भर की बेचैनी के बाद फिर वे अपनी सीट की तरफ मुड़े और आकर सीट पर बैठे.इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो सदन में खड़े होकर विपक्ष पर हमलावर थे, उनकी माइक बंद करा दी गई. इशारा हुआ कि अब माइक बंद है. इस तरह से मुख्यमंत्री की आावाज को सेंसर कर दिया गया.आसन पर बैठे उप सभापति ने भी मामले को आगे बढ़ाते हुए, एक मिनट में दूसरे कार्य निबटाये गए, फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.इस तरह मुख्यमंत्री की माइक को बंद किए जाने पर राजद सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. राजद  के विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह ने कहा है कि किसके इशारे पर मुख्यमंत्री की माइक को बंद किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-