व्यावसायिक लाभ के लिए ताक पर रखी मर्यादाएं घुसखोर पंडत में, ब्राह्मणों के विरुद्ध विषवमन पर अंकुश लगे: पं .यशपाल तिवारी

व्यावसायिक लाभ के लिए ताक पर रखी मर्यादाएं घुसखोर पंडत में, ब्राह्मणों के विरुद्ध विषवमन पर अंकुश लगे: पं .यशपाल तिवारी

प्रेषित समय :21:00:34 PM / Tue, Feb 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जयपुर (व्हाट्सएप- 8875863494). ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रमुख महामंत्री पंडित यशपाल तिवारी ने कहा है कि वर्तमान में ब्राह्मण प्रतिनिधियों के विरुद्ध विषवमन का ऐसा दौर चल रहा है जिसमें समाज प्रतिनिधियों को टारगेट कर उन पर न केवल घटिया टिप्पणियां की जाती है बल्कि उन्हें परेशान करने का भी प्रयास हो रहा है इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए l

पंडित तिवारी ने नवीनतम फिल्म  घूसखोर पंडत का जिक्र करते हुए कहा की फिल्म के टाइटल में एक समाज को सीधे ही टारगेट कर उसकी छवि को धूल धूसरित करने का प्रयास किया गया है l उन्होंने कहा कि जितनी भी सामाजिक व्यवस्थाएं है वह पुरातन काल से चली आ रही है और हर समाज के प्रतिनिधि अपनी परंपरा और पुरातन मान्यताओं के अनुरूप कार्य करता है ऐसी स्थिति में ब्राह्मण समाज जन अपने पुरातन कार्य व्यवस्थाओं के अनुरूप गतिविधियों में जुटे हुए हैं उन पर उनके कार्य को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी करना हर तरह से अस्वीकार्य है l 

पंडित तिवारी ने कहा कि ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि मांगलिक कार्य से लेकर हर तरह के कार्य को संपन्न करवाने में सहयोगी है ऐसी स्थिति में आवश्यकता होने पर उनसे मार्गदर्शन व मदद ली जाती है और काम निकालने के बाद उनके कार्य को लेकर अगर किसी तरह की नकारात्मक टिप्पणी की जाती है तो यह ठीक नहीं है l पंडित तिवारी ने कहा कि व्यावसायिक लाभ उठाने के लिए और फिल्म को प्रचार में बढ़ावा देने के लिए किसी समाज को टारगेट करना अक्षम्य है और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है की फिल्म से जुड़े हुए सभी प्रमुख लोग ब्राह्मण समाज के हैं इसके चलते उन पर और अधिक जिम्मेदारी थी जो उन्होंने पूरी नहीं की है l

पंडित तिवारी ने कहा कि देश में ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों को लेकर लंबे समय से नकारात्मक टिप्पणियां करने के साथ ही अनर्गल प्रचार प्रसार का दौर चल रहा है जो किसी भी स्थिति में उपयुक्त नहीं है l उन्होंने कहा कि यह समाज का दुर्भाग्य है कि जिम्मेदार पदों पर जो लोग बैठे हुए हैं वह भी कई मामलों में आंखें मूंद कर ध्यान नहीं दे रहे हैं यह स्थिति ठीक नहीं है l उन्होंने कहा कि ज्योतिष एवं पूजा पाठ का काम हमारी परंपरा और ज्ञान से जूडा  है इस कार्य के माध्यम से कई ब्राह्मण समाजजन अपनी जीविका का भी निर्वाह करते हैं उनके कामकाज को लेकर गलत टिप्पणी करने की व्यवस्थाएं बंद होनी चाहिए, सरकार इस मामले में संज्ञान लेकर समाज हित में कोई ठोस कानून बनाने की पहल करें l

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-