रणजी ट्रॉफी फाइनल में हेडबट विवाद पर बोले परस डोगरा बड़ी बात नहीं सब सुलझ गया

रणजी ट्रॉफी फाइनल में हेडबट विवाद पर बोले परस डोगरा बड़ी बात नहीं सब सुलझ गया

प्रेषित समय :22:28:49 PM / Wed, Feb 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

हुब्बल्ली. रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल मुकाबले के दूसरे दिन जम्मू-कश्मीर के कप्तान परस डोगरा और कर्नाटक के सब्स्टीट्यूट फील्डर केवी अनीश के बीच मैदान पर हुई तीखी झड़प ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा. मैच के दौरान गर्म माहौल में डोगरा द्वारा अनीश को हेडबट करने की घटना कैमरे में कैद हुई, जिसके बाद कुछ देर के लिए मैदान पर तनाव की स्थिति बन गई. हालांकि दिन का खेल समाप्त होने के बाद डोगरा ने इस पूरे प्रकरण को ज्यादा तूल देने से इनकार करते हुए इसे “छोटी सी बात” करार दिया.

केएससीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 527 रन बनाकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली. इस बड़े स्कोर में कप्तान परस डोगरा की अहम भूमिका रही, जिन्होंने दबाव की परिस्थितियों में जुझारू 70 रन की पारी खेली. उनकी इस पारी ने टीम को स्थिरता दी और कर्नाटक पर मानसिक दबाव भी बनाया.

दिन के खेल के दौरान एक क्षण ऐसा आया जब मैदान पर माहौल अचानक गरमा गया. बताया जाता है कि किसी बात को लेकर डोगरा और केवी अनीश के बीच तीखी बहस हुई, जो कुछ ही पलों में शारीरिक टकराव में बदलती दिखी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान हुआ और इसी दौरान डोगरा ने अनीश के करीब जाकर सिर से हल्का धक्का दिया. अंपायरों और अन्य खिलाड़ियों ने तुरंत बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रण में किया.

घटना के बाद सोशल मीडिया पर इस दृश्य के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं. कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने मैदान पर संयम बनाए रखने की सलाह दी, खासकर तब जब मुकाबला फाइनल जैसा बड़ा हो. हालांकि किसी भी तरह की आधिकारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर देर रात तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई थी.

स्टंप्स के बाद मीडिया से बातचीत में डोगरा ने इस घटना को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया. उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं. मेरे लिए यही मायने रखता है. ऐसी चीजें होती रहती हैं, खासकर जब आप फाइनल जैसे बड़े मैच खेल रहे हों तो थोड़ा-बहुत हो जाता है. वह बस पलभर की गर्मी थी, कोई बड़ी बात नहीं है. अब सब सुलझ गया है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि बाद में दोनों खिलाड़ियों के बीच बातचीत हुई और मामला शांतिपूर्वक खत्म हो गया.

डोगरा ने संकेत दिया कि तेज धूप और मैच का दबाव भी खिलाड़ियों की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है. “गर्मी अलग चीज है, वह बस एक क्षणिक प्रतिक्रिया थी. बाद में हम बात करने लगे और सब ठीक है,” उन्होंने कहा. उनके इस बयान से साफ है कि वह इस विवाद को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं और टीम के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित रखना चाहते हैं.

मैच की बात करें तो जम्मू-कश्मीर ने दूसरे दिन शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया. शीर्ष क्रम से मिली मजबूत शुरुआत को मध्यक्रम ने आगे बढ़ाया. डोगरा की पारी भले ही शतक में तब्दील नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने जिस संयम और दृढ़ता से बल्लेबाजी की, उसने टीम को 500 के पार पहुंचाने में अहम योगदान दिया. कर्नाटक के गेंदबाजों ने बीच-बीच में सफलता जरूर हासिल की, लेकिन जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी लाइनअप ने निरंतरता बनाए रखी.

रणजी ट्रॉफी फाइनल जैसे बड़े मंच पर भावनाएं अक्सर उफान पर होती हैं. खिलाड़ी अपनी टीम के लिए हर गेंद पर पूरा जोर लगाते हैं और ऐसे में कभी-कभी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ जाती हैं. हालांकि क्रिकेट को ‘जेंटलमैन गेम’ कहा जाता है और मैदान पर आचरण को लेकर सख्त मानदंड तय हैं, फिर भी प्रतिस्पर्धा की तीव्रता कई बार खिलाड़ियों को भावनात्मक बना देती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि मैच रेफरी इस घटना की रिपोर्ट का अध्ययन कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित खिलाड़ियों से स्पष्टीकरण भी मांग सकते हैं. हालांकि डोगरा के बयान से यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच मामला आपसी सहमति से शांत हो चुका है.

जम्मू-कश्मीर के लिए यह मुकाबला ऐतिहासिक महत्व रखता है और टीम पहली बार खिताब के इतने करीब पहुंची है. ऐसे में कप्तान का ध्यान टीम को ट्रॉफी तक पहुंचाने पर है. डोगरा ने स्पष्ट किया कि टीम की स्थिति मजबूत है और खिलाड़ी पूरी तरह मैच पर केंद्रित हैं.

अब तीसरे दिन का खेल दोनों टीमों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है. जहां जम्मू-कश्मीर अपनी पहली पारी को और मजबूत बनाकर कर्नाटक पर दबाव बढ़ाना चाहेगा, वहीं कर्नाटक वापसी की राह तलाशेगा. मैदान पर हुई यह झड़प भले ही चर्चा का विषय बनी हो, लेकिन अंतिम परिणाम तय करेगा कि इतिहास किसके नाम लिखा जाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-