नववर्ष ज्ञान और नेतृत्व का संदेश लेकर आ रहा है!

नववर्ष ज्ञान और नेतृत्व का संदेश लेकर आ रहा है!

प्रेषित समय :22:02:53 PM / Mon, Mar 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

* प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी

हिंदू नववर्ष 19 मार्च 2026 को मनाया जाएगा, जब विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी। धर्म धारणा के अनुसार ब्रह्माजी ने भी सृष्टि की रचना चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से की थी, इसलिए हिंदू नववर्ष इसी दिन से शुरू होता है।
इस नववर्ष के राजा- देवगुरु बृहस्पति हैं और मंत्री- सेनापति मंगलदेव हैं, इसलिए यह वर्ष ज्ञान और नेतृत्व का वर्ष है।
जब-जब यह वर्ष शुभफल प्रदान करेगा, तो ज्ञान का सम्मान होगा, कार्य-व्यवसाय में बढ़ोतरी और सामाजिक सुधार होंगे, जिसके नतीजे में लोगों की सुख-समृद्धि बढ़ेगी।
इस वर्ष शुभ नेतृत्व को अवसर मिलेगा, लेकिन जब अशुभ फल सामने आएंगे तब-तब गुरुओं का अपमान होगा, ज्ञानियों को परेशानी होगी, तो युद्ध, लड़ाई-झगड़े भी हो सकते हैं।
हिंदू पंचांग की शुरुआत सम्राट विक्रमादित्य ने की थी और उन्हीं के नाम पर हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत कहा जाता है।
क्योंकि विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च 2026 को गुरुवार के दिन से होगी, इसलिए इस नववर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति हैं, तो इस वर्ष के मंत्री मंगलदेव हैं।
* हिंदू नव वर्ष 2026 (विक्रम संवत 2083) के मुख्य विवरण-
* रौद्र संवत्सर- विक्रम संवत 2083 (19 मार्च 2026, गुरुवार) में 12 नहीं, बल्कि 13 महीने होंगे, ज्येष्ठ माह में अधिक मास/मलमास शामिल होगा।
* राजा और मंत्री: देवगुरु बृहस्पति राजा और मंगल मंत्री होंगे।
* प्रमुख मान्यताएं-
* गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र)- घर के बाहर गुड़ी, विजय का प्रतीक, लगाई जाती है।
* नव संवत्सर- ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना का दिन।
* दक्षिण भारत युगादि- नए युग, नववर्ष की शुरुआत।
* चैत्र नवरात्रि शुरू!
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