डिग्री मांगी तो 17 छात्रों को मिली जेल, मेवाड़ विश्वविद्यालय में बिना मान्यता प्राप्त प्रवेश देने का मामला

डिग्री मांगी तो 17 छात्रों को मिली जेल, मेवाड़ विश्वविद्यालय में बिना मान्यता प्राप्त प्रवेश देने का मामला

प्रेषित समय :22:02:13 PM / Tue, Mar 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ठाकुर कुमार सालवी, चित्तौड़गढ़. 

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार क्षेत्र में स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय बिना मान्यता के बीएससी नर्सिंग कोर्स में प्रवेश देने के मामले को लेकर विगत 27 दिनों से चल रहे विरोध के बाद डिग्री मांगने वाले छात्रों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया, पुलिस प्रशासन का कहना है कि छात्रों ने पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया और राज्य कार्य में बाधा उत्पन्न की जिसे लेकर कार्रवाई की,मेवाड़ विश्वविद्यालय में सोमवार को माहौल हंगामेदार बन गया.

डिग्री की मान्यता के मुद्दे को लेकर आंदोलनरत कश्मीरी छात्र पुलिस से भी धक्का मुक्की कर वर्दी फाड़ने तक पर आमादा हो गए इस दौरान आत्महत्या का  भी प्रयास करने पर पुलिस ने 17 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया. पूर्व में छात्रों द्वारा आंदोलन करने पर मामला ज्यादा बढ़ने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी कक्षाएं स्थगित कर दी थी. सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्र भड़क गए, सूचना मिलते ही एएसपी भगवत सिंह,डीएसपी गंगरार शिवन्या सिंह,सदर थाना चित्तौड़गढ़, राशमी, चंदेरिया, महिला थाना अधिकारी सहित बड़ी तादात में जाप्ता विश्वविद्यालय पहुंचा. और समझाइए के दौरान छात्रों की पुलिस से नोकझोंक हो गई, और कुछ छात्रों ने बैंग से पेट्रोल भरी बोतल निकाल कर आत्महत्या की चेतावनी देने लगे पुलिस से धक्का मुक्की करने लगे.

इस मामले में पुलिस ने छात्रों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया.

इससे पूर्व नारेबाजी कर रहे विद्यार्थियों का कहना था कि जब डिग्री की वैल्यू नहीं तो हम क्या करेंगे, प्रवेश लेते समय कहा गया कि मेवाड़ विश्वविद्यालय बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए मान्यता प्राप्त है, वही मेवाड़ विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सब कुछ पहले से ही स्पष्ट था. और विश्वविद्यालय की डिग्री मान्य होगी, क्योंकि हम सभी प्रक्रिया पूरी कर हाई कोर्ट तक गए थे.

कब कब क्या हुआ

11 फरवरी 
मेवाड़ विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग कोर्स की मान्यता को लेकर छात्रों आंदोलन शुरू किया.
16 फरवरी 
मेवाड़ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत 33 कश्मीरी छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन में सस्पेंड कर दिया. 
17 फरवरी
छात्रों को सस्पेंड करने पर आक्रोशित छात्रों ने हंगामा कर दिया, छात्रों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के ऑफिस के मैस के ताले लगा दिये. रात्रि में छात्रों ने तोड़फोड़ करते हुए हंगामा किया. 
18 फरवरी
विश्वविद्यालय में सभी कक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया, वही यहां पढ़ने वाले बाहरी छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया 

कृषि मंत्री ने पकड़ा था डिप्लोमा देने का मामला 

मेवाड़ विश्वविद्यालय इससे पहले भी बिना मान्यता के कोर्स चलाने एवं फर्जी डिग्री सहित विभिन्न मामलों में हमेशा ही विवादों की सुर्खियों में रहा है. 30 जुलाई 2025 को कृषि मंत्री डॉ. किरोणी लाल मीणा ने छापामार कर बीकानेर निवासी कॉमर्स के छात्र को 1 दिन में कृषि का डिप्लोमा देने का मामला पकड़ा था.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-