वॉशिंगटन. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में आम तौर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली बड़ी कंपनियों के कर्मचारी इस बार एक महत्वपूर्ण कानूनी मामले में एक साथ खड़े दिखाई दिए हैं. रिपोर्टों के अनुसार OpenAI और Google DeepMind के 30 से अधिक कर्मचारियों ने एआई कंपनी Anthropic के समर्थन में अदालत में एक संयुक्त बयान दाखिल किया है. यह मामला उस विवाद से जुड़ा है जिसमें अमेरिकी रक्षा विभाग यानी United States Department of Defense ने एंथ्रोपिक को “सप्लाई चेन जोखिम” घोषित कर दिया था.
बताया जा रहा है कि यह संयुक्त कानूनी दस्तावेज उस समय अदालत में दाखिल किया गया जब एंथ्रोपिक ने पेंटागन के फैसले को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया. इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वालों में कई प्रमुख एआई शोधकर्ता और इंजीनियर शामिल हैं. इनमें गूगल के मुख्य वैज्ञानिक Jeff Dean का नाम भी शामिल है, जो कंपनी के एआई प्रोग्राम Gemini का नेतृत्व करते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि उनका इस मामले में सामने आना इस विवाद की गंभीरता को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि यह मुद्दा केवल कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा का नहीं बल्कि एआई शासन और नीति से जुड़ा व्यापक प्रश्न बन चुका है.
विवाद की शुरुआत तब हुई जब पेंटागन और एंथ्रोपिक के बीच तकनीकी सहयोग को लेकर बातचीत विफल हो गई. इसके बाद अमेरिकी रक्षा विभाग ने एंथ्रोपिक को सप्लाई चेन जोखिम की श्रेणी में डाल दिया. इस निर्णय के बाद कंपनी के लिए सैन्य ठेकेदारों के साथ काम करना काफी मुश्किल हो गया. रिपोर्टों के अनुसार एंथ्रोपिक ने कुछ शर्तों के कारण अपनी एआई तकनीक को अमेरिकी सेना के कुछ विशेष उपयोगों के लिए उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था.
सूत्रों के मुताबिक एंथ्रोपिक ने स्पष्ट किया था कि उसकी तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर घरेलू निगरानी या स्वायत्त घातक हथियारों के विकास के लिए नहीं किया जाना चाहिए. कंपनी का कहना था कि एआई तकनीक के ऐसे उपयोग नैतिक और सामाजिक दृष्टि से गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं. दूसरी ओर पेंटागन का तर्क था कि सरकार को किसी भी “कानूनी” उद्देश्य के लिए एआई तकनीक का उपयोग करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और किसी निजी कंपनी की शर्तों से रक्षा नीतियों को सीमित नहीं किया जा सकता.
अदालत में दाखिल किए गए संयुक्त बयान में एआई विशेषज्ञों ने पेंटागन के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. दस्तावेज में कहा गया है कि किसी घरेलू एआई कंपनी को अचानक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित करना पूरे उद्योग में अनिश्चितता पैदा कर सकता है. उनका कहना है कि ऐसा कदम अमेरिकी तकनीकी नवाचार और प्रतिस्पर्धा को कमजोर कर सकता है. इसके अलावा इस तरह के फैसले एआई से जुड़े जोखिमों और लाभों पर होने वाली पेशेवर बहस को भी प्रभावित कर सकते हैं.
बयान में यह भी कहा गया है कि यदि सरकार को एंथ्रोपिक की शर्तें स्वीकार्य नहीं थीं तो उसके पास अन्य विकल्प मौजूद थे. उदाहरण के लिए सरकार उस अनुबंध को समाप्त कर सकती थी या किसी अन्य कंपनी के साथ काम कर सकती थी. लेकिन किसी अमेरिकी तकनीकी कंपनी को “सप्लाई चेन खतरा” बताना अत्यधिक कठोर कदम माना जा रहा है, जिससे पूरे उद्योग में गलत संदेश जा सकता है.
यह मामला एआई उद्योग में एक दिलचस्प स्थिति भी पैदा करता है क्योंकि जिस समय एंथ्रोपिक और पेंटागन के संबंध खराब हुए, उसी समय OpenAI ने अमेरिकी सेना के साथ अपना एक नया अनुबंध साइन किया. कुछ आलोचकों ने इसे अवसरवादी कदम बताया, लेकिन इसके बावजूद ओपनएआई के कई कर्मचारियों ने एंथ्रोपिक के समर्थन में बयान पर हस्ताक्षर किए.
इस मामले पर ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Sam Altman ने भी सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसी एआई कंपनी को सप्लाई चेन जोखिम घोषित करना पूरे उद्योग और देश के लिए नुकसानदायक हो सकता है. अल्टमैन ने अमेरिकी रक्षा विभाग से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील भी की.
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला एआई उद्योग के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. वॉशिंगटन में नीति निर्माता किस तरह से घरेलू एआई कंपनियों के साथ अपने संबंध तय करते हैं, यह आने वाले वर्षों में इस तकनीक के विकास और उपयोग को प्रभावित कर सकता है. खास तौर पर यह सवाल भी सामने आ रहा है कि सरकारें एआई जैसी उभरती तकनीकों का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए किस सीमा तक कर सकती हैं और निजी कंपनियां इसमें अपनी नैतिक सीमाएं कैसे तय करेंगी.
फिलहाल अदालत में चल रहा यह मामला न केवल एंथ्रोपिक और पेंटागन के बीच विवाद को तय करेगा बल्कि यह भी स्पष्ट कर सकता है कि भविष्य में एआई कंपनियों और सरकारों के बीच सहयोग की शर्तें कैसी होंगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद वैश्विक स्तर पर एआई शासन और तकनीकी नीति पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

