नई दिल्ली.वैश्विक बाजारों में मची हलचल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. जहाँ चांदी में ₹16,000 तक की बड़ी नरमी देखी गई, वहीं सोना भी अपने उच्चतम स्तरों से नीचे फिसल गया है. इस गिरावट के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के ब्याज दरों पर लिए गए सख्त फैसले और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है.
MCX पर कीमतों का ताज़ा हाल (2026 वायदा)
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह से ही बिकवाली का दबाव बना रहा:
सोना (2 अप्रैल 2026 कॉन्ट्रैक्ट): करीब 0.62% की गिरावट के साथ ₹1,52,072 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. दिन के निचले स्तर पर यह ₹1,51,712 तक भी गया.
चांदी (5 मई 2026 कॉन्ट्रैक्ट): चांदी में 1.59% की बड़ी गिरावट देखी गई, जिससे भाव ₹2,44,249 प्रति किलो के करीब आ गए हैं. कारोबार के दौरान इसने ₹2,43,083 का निचला स्तर छुआ.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मंदी
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है:
इंटरनेशनल गोल्ड: 0.92% गिरकर 4,850 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.
इंटरनेशनल सिल्वर: 2.42% की भारी गिरावट के साथ 75.735 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है.
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस गिरावट की तीन प्रमुख वजहें हैं:
अमेरिकी फेड का फैसला: फेडरल रिजर्व ने लगातार दूसरी बार ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% के बीच स्थिर रखा है. दरों में कटौती न होने से निवेशकों का रुझान डॉलर की ओर बढ़ा है.
महंगाई का अनुमान: फेड चेयरमैन पॉवेल ने संकेत दिए हैं कि मुद्रास्फीति (Inflation) के 2.7% तक बढ़ने के अनुमान के कारण अब साल में केवल एक ही कटौती संभव है.
ईरान युद्ध का असर: पिछले तीन हफ्तों से चल रहे ईरान युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार और भू-राजनीतिक समीकरणों को अस्थिर कर दिया है, जिससे मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है.
निवेशकों के लिए सलाह
वीटी मार्केट्स के विश्लेषक जस्टिन खू के अनुसार, फेड के इस रुख ने साफ कर दिया है कि समिति अभी बढ़ती महंगाई और युद्ध के झटकों से निपटने के लिए सतर्क है. ऐसे में सोने-चांदी की कीमतों में आई यह कमी उन लोगों के लिए एक अवसर हो सकती है जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं.




