चैती छठ से शुरू होगा फल्गु नदी सफाई अभियान श्रमदान से स्वच्छता की बड़ी पहल

चैती छठ से शुरू होगा फल्गु नदी सफाई अभियान श्रमदान से स्वच्छता की बड़ी पहल

प्रेषित समय :20:12:02 PM / Sat, Mar 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र/ पटना. बिहार के पवित्र तीर्थ स्थल गया में स्थित फल्गु नदी को स्वच्छ और पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से एक बड़े जन अभियान की शुरुआत होने जा रही है. “श्रमदान से फल्गु स्वच्छ बनाओ अभियान” के तहत 24 मार्च 2026 से लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के दिन इस पहल का शुभारंभ किया जाएगा. इस अभियान का उद्देश्य न केवल नदी की सफाई करना है, बल्कि इसे लंबे समय तक स्वच्छ बनाए रखने के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना भी है.

इस अभियान की जानकारी देते हुए संयोजक प्रो विजय कुमार मिट्ठू और अध्यक्ष महंथ बावन भगवान सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि फल्गु नदी, जो धार्मिक दृष्टि से मोक्षदायिनी मानी जाती है और जिसे अंतःसलिला के रूप में भी जाना जाता है, आज प्रदूषण और उपेक्षा का शिकार हो चुकी है. नदी के उद्गम स्थल से लेकर शहर तक कई स्थानों पर बांध निर्माण, अनियंत्रित बालू खनन, नालों का गंदा पानी, कचरा फेंकने और जल प्रवाह की कमी के कारण इसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.

अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बताया कि यदि स्थानीय लोग नियमित रूप से श्रमदान करें तो इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की नदी को पुनः स्वच्छ बनाया जा सकता है. इसी उद्देश्य से निर्णय लिया गया है कि हर रविवार को एक से दो घंटे का श्रमदान किया जाएगा, जिससे नदी के किनारों और घाटों की सफाई सुनिश्चित की जा सके.

यह अभियान फल्गु नदी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों छोरों पर बसे क्षेत्रों को जोड़ने का प्रयास करेगा. पश्चिमी छोर पर केंदुई, डंडी बाग, घुघरी टांड, लखनपुरा, विष्णुपद, देव घाट, गायत्री घाट, ब्राह्मणी घाट, महादेव घाट, रामशीला घाट और कंडी जैसे क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया जाएगा, जबकि पूर्वी छोर पर सलेमपुर, भदेजा, स्वामी सहजानंद सरस्वती कॉलोनी, लखीबाग, जनकपुर, पटवा टोली, अलीपुर और शादीपुर जैसे इलाकों में जनजागरण चलाया जाएगा.

अभियान के आयोजकों का कहना है कि “श्रमदान महादान” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए लोगों को अपने-अपने मोहल्ले और गांव के सामने नदी में उतरकर सफाई करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि इसे एक सतत जन आंदोलन के रूप में विकसित करने की योजना है.

धार्मिक दृष्टि से फल्गु नदी का विशेष महत्व है, खासकर पिंडदान और श्राद्ध कर्म के लिए यहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में नदी की स्वच्छता बनाए रखना न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि धार्मिक आस्था और पर्यटन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है.

अभियान से जुड़े लोगों ने गयावासियों से अपील की है कि वे इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और 24 मार्च से शुरू होने वाले इस अभियान को सफल बनाएं. उनका मानना है कि यदि समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर श्रमदान करें, तो फल्गु नदी को फिर से उसके पुराने गौरव और पवित्रता के साथ स्थापित किया जा सकता है.

इस पहल को एक सकारात्मक जन आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल नदी की सफाई करेगा, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-