मौसम का डबल अटैक, जबलपुर समेत कई जिलों में बारिश आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट

मौसम का डबल अटैक, जबलपुर समेत कई जिलों में बारिश आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट

प्रेषित समय :19:55:05 PM / Sun, Mar 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश के मौसम ने अचानक करवट लेते हुए जबलपुर सहित आसपास के कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में एक साथ सक्रिय तीन मौसमी सिस्टम के कारण बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है. इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर जबलपुर संभाग में देखने को मिल रहा है, जहां प्रशासन ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम के इस असामान्य परिवर्तन से आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है.

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जो वातावरण में अस्थिरता पैदा कर रहा है. इसके साथ ही इस सिस्टम से जुड़ी एक ट्रफ लाइन विदर्भ और मराठवाड़ा तक फैली हुई है, जिससे नमी लगातार प्रदेश के अंदर आ रही है. वहीं उत्तर भारत में सक्रिय एक नया पश्चिमी विक्षोभ इस पूरी स्थिति को और मजबूत बना रहा है. इन तीनों सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने के कारण मध्य प्रदेश में प्री-मानसून जैसी स्थिति बन गई है.

जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह और पन्ना जिलों में इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है. इसके अलावा जबलपुर संभाग के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी आशंका व्यक्त की गई है, जिससे तापमान में गिरावट तो आएगी, लेकिन फसलों को भारी नुकसान हो सकता है.

मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर रबी फसलों पर पड़ने की आशंका है. इस समय प्रदेश में गेहूं और चना की कटाई का दौर चल रहा है, ऐसे में अचानक बारिश और ओले गिरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है. प्रशासन ने किसानों को सतर्क करते हुए कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने और उसे तिरपाल से ढंकने की सलाह दी है. मंडियों में रखे अनाज को भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बारिश से नुकसान न हो. इसके साथ ही किसानों को फिलहाल खेतों में कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव रोकने की भी सलाह दी गई है.

इधर मौसम में आए बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है. पिछले सप्ताह जहां जबलपुर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं अब इसमें 3 से 5 डिग्री तक की कमी आने की संभावना जताई जा रही है. इससे लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मौसम की अनिश्चितता चिंता का कारण बनी हुई है.

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रह सकती है. इसके बाद 24 मार्च के आसपास बादल छंटने लगेंगे और तापमान में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. यानी गर्मी का दूसरा दौर जल्द ही शुरू होने के संकेत हैं. फिलहाल प्रशासन और मौसम विभाग लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की अपील कर रहे हैं. बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-