VFJ में चार्जमैन की आत्महत्या से मचा बवाल कर्मचारियों का फूटा आक्रोश निष्पक्ष जांच की मांग तेज

VFJ में चार्जमैन की आत्महत्या से मचा बवाल कर्मचारियों का फूटा आक्रोश निष्पक्ष जांच की मांग तेज

प्रेषित समय :19:42:11 PM / Mon, Mar 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर।  व्हीकल फैक्ट्री में एक चार्जमैन द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को हुई इस घटना के बाद न केवल फैक्ट्री परिसर बल्कि शहर की अन्य निर्माणियों के कर्मचारियों में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कर्मचारी संगठनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार कंचनपुर निवासी 57 वर्षीय कर्मचारी सैमसन मार्टिन, जो व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के सीएम सेक्शन में पदस्थ थे, ने रविवार शाम लगभग 5 से 6 बजे के बीच अपने कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही फैक्ट्री परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सुसाइड नोट में मृतक ने कार्य के अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव को आत्महत्या का कारण बताया है। इस घटना के बाद कर्मचारियों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लाइज फेडरेशन से संबद्ध यूनियनों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि निगमीकरण के बाद से कर्मचारियों पर कार्य का दबाव लगातार बढ़ा है और बिना प्रशिक्षण के नए-नए कार्य सौंपे जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है। मृतक की पत्नी ने भी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सैमसन मार्टिन मूल रूप से फिटर थे, लेकिन उन्हें जबरन बिलिंग से संबंधित कार्य दे दिया गया था, जिसमें उन्हें अनुभव नहीं था। एक बिल में मात्र आठ रुपये का अंतर आने के कारण उनके वरिष्ठ अधिकारी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे। मृतक कई बार अधिकारियों से यह अनुरोध करते रहे कि उन्हें यह कार्य नहीं आता, इसके बावजूद उन पर काम का दबाव बनाया गया। परिजनों का आरोप है कि इसी मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की समस्या को उजागर करती है। उनका आरोप है कि प्रबंधन की कार्यप्रणाली के कारण कर्मचारियों को लगातार मानसिक दबाव में काम करना पड़ रहा है। इस घटना के बाद फैक्ट्री के साथ-साथ शहर की अन्य निर्माणियों में भी कर्मचारियों के बीच आक्रोश का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं कर्मचारी संगठन इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-