गुवाहाटी. असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल तेज हो गया है और इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने रविवार को राज्य के मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करने की जोरदार अपील की. उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि राज्य से अवैध घुसपैठ खत्म करने, शांति बनाए रखने और विकास को गति देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
दराज जिले के ढेकियाजुली में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि मतदाता यह न सोचें कि वे केवल बीजेपी के विधायकों को चुन रहे हैं या फिर Himanta Biswa Sarma को दोबारा मुख्यमंत्री बना रहे हैं, बल्कि वे असम के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मतदान करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि राज्य में स्थायी शांति और युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करना है तो बीजेपी को मजबूत जनादेश देना जरूरी है.
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि 2016 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से असम में न तो बड़े स्तर पर हिंसा हुई है और न ही बम विस्फोट जैसी घटनाएं सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि यह बीजेपी सरकार की नीतियों और मजबूत प्रशासन का परिणाम है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाया है.
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी. ऐसे में चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है और सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं. अमित शाह का यह दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जहां वे बीजेपी उम्मीदवारों के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
अपने भाषण में अमित शाह ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस सरकारें उग्रवादी संगठनों के साथ स्थायी शांति समझौते क्यों नहीं कर पाईं. उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में बीजेपी सरकार ने अवैध घुसपैठ को काफी हद तक रोकने में सफलता हासिल की है, लेकिन अभी भी इस समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो पाया है. इसके लिए उन्होंने जनता से अगले पांच वर्षों का और समय देने की अपील की.
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने अब तक करीब 49,500 एकड़ सरकारी जमीन और वन क्षेत्रों को अतिक्रमण से मुक्त कराया है. इसमें धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थल भी शामिल हैं, जैसे कि महान संत श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली. शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि असम की जमीन और पहचान को हर हाल में सुरक्षित रखा जाए.
चुनावी रैली में अमित शाह ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) का भी जिक्र किया, जो पूरे देश में मतदाता सूची से अवैध घुसपैठियों के नाम हटाने के लिए चलाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेता इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने Rahul Gandhi का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस को साफ करना चाहिए कि वह अवैध घुसपैठियों के साथ है या देश के नागरिकों के साथ.
विकास के मुद्दे पर बात करते हुए अमित शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाया. उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस सरकार ने असम को लगभग 1.28 लाख करोड़ रुपये दिए थे, जबकि 2014 में Narendra Modi के नेतृत्व में बीजेपी सरकार आने के बाद से 2024 तक राज्य को करीब 9 लाख करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. शाह ने दावा किया कि इन पैसों से राज्य में बुनियादी ढांचे, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है.
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार ने असम को एक स्थिर और सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में लगातार काम किया है, जिससे निवेश बढ़ा है और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं. शाह ने युवाओं से अपील की कि वे राज्य के विकास और अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए सही निर्णय लें.
अमित शाह का यह दौरा यहीं खत्म नहीं हुआ. वे दिन में तिहू में एक और चुनावी रैली को संबोधित करने वाले हैं. इसके अलावा वे चुनाव प्रचार के अंतिम चरण से पहले एक बार फिर असम आने की योजना बना रहे हैं. शनिवार को वे गुवाहाटी पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक रोड शो में हिस्सा लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया.
असम में इस बार का चुनाव कई मायनों में अहम माना जा रहा है, जहां एक ओर बीजेपी अपने विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर जनता का समर्थन मांग रही है, वहीं विपक्षी दल भी सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है और सभी की नजरें 9 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

