असम में सियासी हलचल तेज, कांग्रेस सांसद का इस्तीफा BJP में शामिल होने पर मचा बवाल

असम में सियासी हलचल तेज, कांग्रेस सांसद का इस्तीफा BJP में शामिल होने पर मचा बवाल

प्रेषित समय :22:10:36 PM / Wed, Mar 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

गुवाहाटी. असम की राजनीति में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां Pradyut Bordoloi ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया. इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है और राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. कांग्रेस ने इस फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है, जबकि इसे व्यक्तिगत निर्णय करार दिया है.

असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने बुधवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी Bordoloi के इस कदम से निराश है, लेकिन इसे उनका निजी फैसला मानती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने Bordoloi को हमेशा महत्व दिया और पिछली लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट भी दिया गया था. इतना ही नहीं, मौजूदा विधानसभा चुनाव में उनके परिवार को भी प्रतिनिधित्व दिया गया, बावजूद इसके उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया.

दरअसल, नगांव से सांसद रहे Bordoloi ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें पार्टी के भीतर अपमानित किया गया और उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया. इसके बाद उन्होंने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली. इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

Bordoloi का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे और हाल ही में पार्टी के चुनावी घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भी थे. उन्होंने ही भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी ‘चार्जशीट’ तैयार की थी, जिसे कुछ समय पहले सार्वजनिक किया गया था. ऐसे में उनका अचानक भाजपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर रहा है.

कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. धुबरी से सांसद Rakibul Hussain ने कहा कि Bordoloi ने खुद भाजपा सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन अब उन्हीं के करीब चले गए हैं. उन्होंने इसे राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठाने वाला कदम बताया.

वहीं, Gaurav Gogoi ने Bordoloi के बेटे प्रतीक Bordoloi के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उन्हें प्रतीक के प्रति सहानुभूति है और वे पार्टी की ओर से उनका समर्थन करते रहेंगे. प्रतीक Bordoloi को कांग्रेस ने मार्घेरिटा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पिता के भाजपा में जाने के बाद उनका राजनीतिक रुख क्या रहता है.

इस पूरे घटनाक्रम का असर आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ना तय माना जा रहा है. असम में 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव से पहले इस तरह के राजनीतिक बदलाव से दोनों प्रमुख दलों के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं. भाजपा जहां इसे अपने लिए मजबूती के रूप में देख रही है, वहीं कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के दल-बदल का सीधा असर मतदाताओं की सोच पर पड़ सकता है. खासतौर पर नगांव और आसपास के क्षेत्रों में Bordoloi का प्रभाव रहा है, ऐसे में उनका भाजपा में जाना वहां की राजनीतिक दिशा को बदल सकता है.

फिलहाल, असम की सियासत में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके और भी राजनीतिक मायने निकलने की संभावना है. सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि चुनावी मैदान में यह बदलाव किस तरह असर डालता है और किस पार्टी को इसका फायदा मिलता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-