सावधान रहें एंड्रॉइड गॉड मोड मालवेयर के जाल में फंस सकते भारतीय यूजर्स, गृह मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

सावधान रहें एंड्रॉइड गॉड मोड मालवेयर के जाल में फंस सकते भारतीय यूजर्स, गृह मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

प्रेषित समय :22:21:53 PM / Mon, Mar 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर आम नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. Ministry of Home Affairs ने सोमवार को एक एडवाइजरी जारी करते हुए ‘Android God Mode’ नामक खतरनाक मालवेयर को लेकर अलर्ट किया है, जो एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गंभीर खतरा बनकर उभर रहा है. मंत्रालय के अनुसार यह अत्यंत उन्नत और खतरनाक मालवेयर है, जो यूजर्स के मोबाइल डिवाइस पर लगभग पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर सकता है और उनकी निजी तथा वित्तीय जानकारी चुपचाप चुरा सकता है.
गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस एडवाइजरी में बताया गया है कि यह मालवेयर विशेष रूप से ‘Accessibility Permission’ का दुरुपयोग करता है. सामान्य तौर पर यह अनुमति दिव्यांग या विशेष जरूरत वाले उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए होती है, लेकिन साइबर अपराधी इसका इस्तेमाल करके मोबाइल के लगभग सभी फंक्शंस पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं. एक बार यह अनुमति मिल जाने के बाद मालवेयर यूजर की जानकारी के बिना स्क्रीन को पढ़ सकता है, कीबोर्ड इनपुट कैप्चर कर सकता है, ऐप्स को नियंत्रित कर सकता है और यहां तक कि बैंकिंग लेनदेन तक को प्रभावित कर सकता है.

इस पूरे मामले में National Cybercrime Threat Analytics Unit ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यूनिट ने अपनी जांच में पाया कि यह मालवेयर नकली ऐप्स के जरिए लोगों के फोन में पहुंचता है. ये ऐप्स देखने में बिल्कुल असली ऐप्स जैसे लगते हैं और अक्सर बैंकिंग, सरकारी सेवाओं या यूटिलिटी ऐप्स का रूप धारण कर लेते हैं. उदाहरण के तौर पर साइबर अपराधी लोकप्रिय ऐप्स जैसे SBI YONO, आरटीओ चालान, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और कस्टमर सपोर्ट ऐप्स के नाम से मिलते-जुलते नकली ऐप्स तैयार करते हैं, जिससे आम लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं.

जब यूजर इन नकली ऐप्स को डाउनलोड और इंस्टॉल कर लेते हैं, तो ये ऐप्स उनसे ‘Accessibility Permission’ की अनुमति मांगते हैं. अधिकांश यूजर बिना ज्यादा सोचे-समझे इस अनुमति को स्वीकार कर लेते हैं, जिसके बाद मालवेयर सक्रिय हो जाता है. इसके बाद यह डिवाइस के अंदर गहराई तक पहुंच बनाकर यूजर की संवेदनशील जानकारी जैसे बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, ओटीपी और व्यक्तिगत डेटा को चुपचाप चोरी करने लगता है. खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यूजर को किसी भी तरह का संदेह नहीं होता, जिससे यह खतरा और भी गंभीर हो जाता है.

गृह मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के साइबर हमलों से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है. नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से ही ऐप्स डाउनलोड करें, जैसे कि Google का आधिकारिक प्ले स्टोर. इसके अलावा किसी भी अनजान लिंक, व्हाट्सएप मैसेज या APK फाइल के माध्यम से प्राप्त ऐप्स को डाउनलोड करने से बचने की सख्त सलाह दी गई है.

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि किसी भी संदिग्ध ऐप को इंस्टॉल करने के बाद यदि वह अनावश्यक या संदिग्ध परमिशन मांगता है, विशेष रूप से ‘Accessibility Permission’, तो उसे तुरंत अस्वीकार कर देना चाहिए. यदि किसी यूजर को अपने फोन में कोई संदिग्ध ऐप दिखाई देता है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करना चाहिए और अपने डिवाइस की सभी ऐप परमिशन की जांच करनी चाहिए.

सरकार ने साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 भी जारी किया है, जहां पीड़ित तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा नागरिकों को Indian Cyber Crime Coordination Centre द्वारा संचालित आधिकारिक पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें और समय रहते रिपोर्ट करें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके.

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘Android God Mode’ जैसे मालवेयर आने वाले समय में साइबर सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं, क्योंकि ये अत्यधिक परिष्कृत तकनीकों का उपयोग करते हैं और पारंपरिक सुरक्षा उपायों को आसानी से चकमा दे सकते हैं. ऐसे में यूजर्स को न केवल तकनीकी रूप से जागरूक होना होगा, बल्कि डिजिटल व्यवहार में भी सतर्कता बरतनी होगी.

देश में डिजिटल लेनदेन और स्मार्टफोन उपयोग में तेजी से वृद्धि के साथ साइबर अपराधों के मामले भी बढ़ रहे हैं. ऐसे में सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली एडवाइजरी नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं. ‘Android God Mode’ मालवेयर को लेकर जारी यह चेतावनी एक बार फिर यह संकेत देती है कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है. इसलिए आवश्यक है कि हर उपयोगकर्ता सतर्क रहे, केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रिपोर्ट करे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-