सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन्यजीव और मानव द्वंद्व थमता नजर नहीं आ रहा है. जिले के वन परिक्षेत्रों में हाथियों का उत्पात अब जानलेवा साबित हो रहा है. पिछले मात्र 24 घंटों के भीतर हाथियों ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत और भारी जन-आक्रोश का माहौल है.
ताजा घटना: दल से बिछड़े हाथी ने ली मोहन सिंह की जान
ताजा मामला सूरजपुर वन परिक्षेत्र के कल्याणपुर इलाके का है. मिली जानकारी के अनुसार, घाघी टिकरा में एक दल से बिछड़े हाथी ने अचानक हमला कर 45 वर्षीय मोहन सिंह को अपना शिकार बना लिया. हाथी के इस हमले में ग्रामीण की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
इससे पहले बुधवार को कोटबहरा गांव के रहने वाले केशव (30) की भी हाथी के हमले में जान चली गई थी. केशव शाम को काम से घर लौट रहा था, तभी पगडंडी रास्ते पर जंगली हाथी ने उसे कुचल दिया था.
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
लगातार हो रही मौतों से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों की निगरानी में पूरी तरह विफल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के सामने निम्नलिखित माँगें रखीं:
पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा.
परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी.
लापरवाह वन कर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए.
प्रशासन की पहल और समझाइश
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एसडीएम शिवानी जायसवाल और पुलिस बल मौके पर पहुँचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने के लिए ठोस आश्वासन दिए हैं.
एसडीएम के अनुसार लिए गए निर्णय:
शासन की ओर से देय 6 लाख रुपये की सहायता राशि 15 दिनों के भीतर स्वीकृत की जाएगी.
मृतक की पत्नी को वन विकास समिति में मासिक दर (6,000 रुपये) पर कार्य दिया जाएगा.
पीड़ित परिवार को शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर बच्चों के पालन-पोषण में मदद की जाएगी.
दहशत के साये में ग्रामीण
सूरजपुर और आस-पास के इलाकों में हाथियों की मौजूदगी ने लोगों की नींद उड़ा दी है. वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल की ओर न जाने की सलाह दी है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और हाथी की निगरानी बढ़ा दी गई है.

