10 रुपये का लालच बना 1.5 लाख की मुसीबत, डॉक्टर सर्च करने के चक्कर में साइबर ठगों ने सेल्समैन को लगाया चूना

10 रुपये का लालच बना 1.5 लाख की मुसीबत, डॉक्टर सर्च करने के चक्कर में साइबर ठगों ने सेल्समैन को लगाया चूना

प्रेषित समय :22:35:02 PM / Sat, Apr 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर.माढ़ोताल थाना क्षेत्र से साइबर ठगी का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ इंटरनेट पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना एक सेल्समैन को भारी पड़ गया। बजरंग नगर करमेता निवासी सुशील कुमार सोनी, जो कि एक सराफा दुकान में सेल्समैन के पद पर कार्यरत हैं, साइबर जालसाजों की सोची-समझी साजिश के शिकार हो गए। अपने बीमार भाई के इलाज के लिए नागपुर के एक विशेषज्ञ डॉक्टर की तलाश करना सुशील के लिए एक बड़े आर्थिक संकट का सबब बन गया, क्योंकि ठगों ने उनसे 1.5 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली।

घटना की शुरुआत तब हुई जब सुशील अपने छोटे भाई सुनील की मिर्गी की बीमारी के बेहतर इलाज के लिए नागपुर के किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करना चाहते थे। उन्होंने इंटरनेट का सहारा लिया और सर्च इंजन पर डॉक्टर का नंबर खोजा। महज कुछ ही देर में उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले शातिर ने खुद को अस्पताल प्रबंधन का कर्मचारी बताया और विश्वास जीतने के लिए बीमारी से संबंधित पूरी जानकारी ली। जालसाज ने सुशील को झांसे में लेते हुए कहा कि डॉक्टर से परामर्श के लिए उन्हें मात्र 10 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना होगा।

सुशील ने मदद की उम्मीद में जैसे ही 10 रुपये का भुगतान करने की कोशिश की, ट्रांजैक्शन असफल हो गया। इसके बाद ठग ने चतुराई दिखाते हुए पीड़ित को एक संदिग्ध लिंक भेजा। जैसे ही सुशील ने उस लिंक पर क्लिक किया और ओटीपी साझा किया, उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ठगों ने सुशील के तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1.5 लाख रुपये पार कर दिए। जिसमें से एक खाते से 98,500 रुपये, दूसरे से 30,000 रुपये और तीसरे से 20,000 रुपये निकाल लिए गए।

धोखाधड़ी का अहसास होते ही सुशील ने तुरंत माढ़ोताल थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों की तकनीकी पड़ताल कर रही है जिनमें यह राशि स्थानांतरित की गई है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर ठगों का नेटवर्क कितना सक्रिय है और वे कैसे लोगों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन डॉक्टर सर्च करते समय आधिकारिक वेबसाइटों का ही उपयोग करें और किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। फिलहाल, पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और पुलिस उस जालसाज की तलाश कर रही है जिसने इलाज के नाम पर एक असहाय परिवार की जमा-पूंजी उड़ा दी।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-