भीषण गर्मी के चलते प्री-प्राइमरी से पांचवीं तक की कक्षाएं 30 अप्रैल तक बंद

भीषण गर्मी के चलते प्री-प्राइमरी से पांचवीं तक की कक्षाएं 30 अप्रैल तक बंद

प्रेषित समय :19:24:19 PM / Thu, Apr 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. पिछले कुछ दिनों से शहर के तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और पारे के 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने के कारण बच्चों के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों का निर्माण हो रहा था. 

इसी स्थिति को भांपते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए ताजा आदेश के अनुसार जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए तत्काल प्रभाव से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है. कलेक्टर के निर्देशानुसार लिया गया यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए किया गया है.

गौरतलब है कि इससे पहले प्रशासन ने नर्सरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यालयों के संचालन का समय बदलकर सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया था, लेकिन बढ़ते तापमान के कारण छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में हो रही समस्याओं को देखते हुए अब यह नई समय सीमा तय की गई है. मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी पूर्व निर्देशों के तहत तापमान की अत्यधिक स्थितियों में जिला कलेक्टर को बच्चों के हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार दिया गया है, जिसका उपयोग करते हुए जबलपुर जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है. 

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के लिए भले ही अवकाश घोषित कर दिया गया है, लेकिन विद्यालय के शिक्षकों और अन्य स्टाफ को अपने निर्धारित समय पर स्कूल में उपस्थित होना होगा और वे अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पहले की भांति करते रहेंगे. प्रशासन की ओर से अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे भीषण गर्मी के दौरान बच्चों को घरों के भीतर रखें और दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें.

जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी तापमान के स्थिर रहने और लू की संभावना जताए जाने के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है. फिलहाल, 30 अप्रैल तक छोटे बच्चों की छुट्टियों के इस निर्णय से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, वहीं स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए भविष्य में अतिरिक्त कक्षाओं के बारे में निर्णय ले सकता है. फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान बच्चों को इस तपती गर्मी के प्रकोप से बचाने पर केंद्रित है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-