बिजली के खंभों पर लटकती अवैध केबलों पर एक्शन, जियो और एयरटेल को मिला अंतिम नोटिस

बिजली के खंभों पर लटकती अवैध केबलों पर एक्शन, जियो और एयरटेल को मिला अंतिम नोटिस

प्रेषित समय :19:23:22 PM / Sat, Apr 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. शहर में बिजली के खंभों पर मकड़जाल की तरह फैली निजी दूरसंचार कंपनियों की केबलों के खिलाफ मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. विद्युत विभाग ने रिलायंस जियो डिजिटल फाइबर प्राइवेट लिमिटेड और भारती एयरटेल लिमिटेड को अंतिम चेतावनी देते हुए 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है. विभाग का साफ कहना है कि यदि तय समय सीमा के भीतर इन कंपनियों ने बिजली के खंभों से अपनी बेतरतीब तरीके से बिछाई गई केबलों को व्यवस्थित नहीं किया, तो विभाग स्वयं इन्हें काटकर हटाने की कार्रवाई शुरू कर देगा. इस सख्त रुख के बाद शहर के टेलीकॉम सेक्टर में हड़कंप मच गया है.

नगर वृत्त के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने इन दोनों कंपनियों को अलग-अलग पत्र जारी कर अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है. विभाग के अनुसार, लंबे समय से विद्युत खंभों का उपयोग टेलीफोन और इंटरनेट सेवाओं के लिए नियमों के विपरीत किया जा रहा है, जिससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि विद्युत अधोसंरचना को भी भारी खतरा बना हुआ है. अव्यवस्थित केबलों के कारण बिजली लाइनों के रखरखाव में बाधा आती है और कई बार इनसे बड़ी दुर्घटनाओं का अंदेशा भी रहता है. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आगामी कार्रवाई के दौरान कंपनियों की सेवाओं में कोई व्यवधान आता है या उन्हें वित्तीय नुकसान होता है, तो इसके लिए कंपनी स्वयं जिम्मेदार होगी, क्योंकि उन्हें कई बार सुधार के अवसर दिए जा चुके हैं.

इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिजली कंपनी ने इस अभियान की जानकारी जबलपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त और मुख्य महाप्रबंधक जैसे प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेज दी है. विभाग की ओर से शहर के विभिन्न संभागों—पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और विजयनगर—के कार्यपालन अभियंताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में सख्त निगरानी रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं. विद्युत वितरण कंपनी ने यह कार्रवाई अपने 29 अक्टूबर 2021 के परिपत्र की शर्तों के आधार पर की है. गौरतलब है कि कंपनियों को पिछले एक साल में फरवरी 2025 से अगस्त 2025 तक कई बार पत्राचार के जरिए चेताया गया था, लेकिन उनकी ओर से लगातार अनदेखी की जा रही थी.

अब विभाग ने इस 'केबल हटाओ अभियान' की पूरी तैयारी कर ली है. विद्युत कंपनी का मानना है कि शहर की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी निजी स्वार्थ के लिए सार्वजनिक विद्युत लाइनों को जोखिम में नहीं डाला जा सकता. 24 घंटे का यह समय सीमा पूरा होते ही बिजली विभाग अपनी टीम के साथ सड़कों पर उतरेगा और उन सभी केबलों को हटा दिया जाएगा जो सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही हैं. यह कार्रवाई न केवल बिजली विभाग के सख्त प्रशासन को दर्शाती है, बल्कि उन कंपनियों के लिए भी एक बड़ा सबक है जो शहर के बुनियादी ढांचे को नजरअंदाज कर रही थीं. आने वाले दिनों में जबलपुर की सड़कों पर बिजली के खंभों से लटकते हुए केबलों के इस अवैध जाल का खात्मा होना निश्चित माना जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-