छत्तीसगढ़ RTE एडमिशन पर हाईकोर्ट की फटकार: 387 स्कूलों में 'शून्य' आवेदन पर जताई हैरानी, सरकार से मांगा पूरा कच्चा चिट्ठा

छत्तीसगढ़ RTE एडमिशन पर हाईकोर्ट की फटकार: 387 स्कूलों में

प्रेषित समय :15:16:11 PM / Fri, May 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के दाखिले की कछुआ चाल पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त तेवर अपनाए हैं. प्रदेश के नामी स्कूलों में सीटों के खाली रहने और आवेदन न आने की स्थिति पर कोर्ट ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए विस्तृत शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया है.

हाईकोर्ट की नाराजगी: "क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में नहीं पढ़ना चाहते?"
सुनवाई के दौरान जब राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा, तो आंकड़ों ने कोर्ट को चौंका दिया. सरकार द्वारा पेश हलफनामे के अनुसार:

387 निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है.

366 स्कूलों में सीटों की तुलना में आवेदनों की संख्या नगण्य रही है.

हैरानी की बात यह है कि इन स्कूलों की सूची में प्रदेश के कई प्रतिष्ठित और बड़े निजी स्कूल शामिल हैं.

इस पर अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या वाकई गरीब बच्चे इन बड़े स्कूलों में शिक्षा नहीं लेना चाहते, या फिर सरकारी तंत्र कहीं कुछ छिपा रहा है? कोर्ट ने संदेह जताया कि कहीं पारदर्शिता की कमी तो इस सुस्ती का कारण नहीं है.

सरकार को दिए कड़े निर्देश
हाईकोर्ट ने अब इस मामले में "गोल-मोल" जवाब के बजाय स्पष्ट डेटा मांगा है. सरकार को अगले शपथ पत्र में निम्नलिखित जानकारियां देनी होंगी:

किस स्कूल में कुल कितनी सीटें आरक्षित थीं?

किन-किन बच्चों का चयन हुआ और उनका वर्तमान स्टेटस क्या है?

आवंटित सीटों की जानकारी को ऑनलाइन सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा.

"न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा का अधिकार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. शासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र बच्चों को उनका हक मिले."

अगली सुनवाई 10 जुलाई को
प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और खाली सीटों को भरने के रोडमैप के साथ सरकार को अब अगली पेशी पर उपस्थित होना होगा. मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 10 जुलाई को तय की गई है, जहाँ सरकार द्वारा प्रस्तुत विस्तृत डेटा की समीक्षा की जाएगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-