तमिलनाडु - विजय ने हासिल किया बहुमत का जादुई आंकड़ा, सुबह 11 बजे लेंगे सीएम पद की शपथ

तमिलनाडु - विजय ने हासिल किया बहुमत का जादुई आंकड़ा, सुबह 11 बजे लेंगे सीएम पद की शपथ

प्रेषित समय :22:14:05 PM / Fri, May 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

चेन्नई. तमिलनाडु की राजनीति में 2026 का विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया है. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने चुनावी मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने राज्य की पारंपरिक राजनीति को पूरी तरह बदल दिया.

लंबे संघर्ष और जद्दोजहद के बाद आखिरकार विजय ने बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया. उन्होंने वाम दलों के साथ अन्य दलों का भी समर्थन ले लिया. बताया जा रहा है कि उन्होंने राज्यपाल को 121 विधायकों के समर्थन के हस्ताक्षर की पूरी सूची सौपी है. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया. अब शनिवार यानी 9 मई को विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

पहली बार लड़ा चुनाव, लेकिन सीधे सत्ता

तमिलनाडु में लंबे समय से राजनीति डीएमके और एआईडीएमके के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का संकेत दिया. विजय की पार्टी ने युवाओं, पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं और शहरी वर्ग में जबरदस्त पकड़ बनाई. चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने रोजगार, भ्रष्टाचार, शिक्षा और क्षेत्रीय गौरव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीवीके को मिली सफलता सिर्फ स्टारडम की वजह से नहीं, बल्कि एंटी-इनकंबेंसी और नई राजनीति की मांग का भी परिणाम है.

वाम दलों और वीसीके का मिला समर्थन

सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत के करीब पहुंचने के बाद टीवीके को वामपंथी दलों और वीसीके का समर्थन मिला. इसके बाद पार्टी का आंकड़ा 118 के पार पहुंच गया. इसी के साथ चेन्नई से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई. सूत्रों के मुताबिक समर्थन को लेकर कई दौर की बातचीत हुई, जिसमें सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय अधिकार और कल्याणकारी योजनाओं पर सहमति बनी. टीवीके ने अपने सहयोगियों को भरोसा दिलाया कि सरकार बनने पर गठबंधन धर्म का पालन किया जाएगा.

विजय ने दिया बदलाव का संदेश

चुनाव नतीजों के बाद विजय ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि तमिलनाडु के लोगों की जीत है. उन्होंने कहा कि जनता ने डर और निराशा की राजनीति को नकारकर विकास और पारदर्शिता को चुना है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-