महेंद्र सिंह धोनी ने फिर कायम रखी बादशाहत, बिहार और झारखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर बने

महेंद्र सिंह धोनी ने फिर कायम रखी बादशाहत, बिहार और झारखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर बने

प्रेषित समय :19:36:43 PM / Fri, May 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र/रांची

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 'कैप्टन कूल' के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल खेल के मैदान के ही नहीं बल्कि टैक्स चुकाने के मामले में भी नंबर वन खिलाड़ी हैं। बिहार और झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी साझा करते हुए पुष्टि की है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महेंद्र सिंह धोनी बिहार और झारखंड आयकर क्षेत्राधिकार के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता बने हुए हैं। गुरुवार को रांची में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. राव ने बताया कि धोनी ने अपनी इस बादशाहत को इस साल भी बरकरार रखा है, हालांकि आयकर विभाग के नियमों और गोपनीयता की नीतियों का हवाला देते हुए उन्होंने धोनी द्वारा चुकाई गई सटीक टैक्स राशि का खुलासा करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो 'क्लियर टैक्स' जैसी संस्थाओं के मुताबिक धोनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 38 करोड़ रुपये का अग्रिम कर चुकाया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी आय और कर भुगतान का स्तर कितना ऊंचा है।

आयकर विभाग द्वारा साझा किए गए इन आंकड़ों के बीच बिहार और झारखंड के संयुक्त आयकर संग्रह की एक विस्तृत तस्वीर भी सामने आई है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग को कुल 20 हजार करोड़ रुपये के कर संग्रह का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें झारखंड की भूमिका बेहद अहम रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल राजस्व में झारखंड का योगदान करीब 12 हजार करोड़ रुपये रहा है, जबकि बिहार से लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का कर प्राप्त हुआ है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि दोनों राज्यों के कुल संग्रह में झारखंड की हिस्सेदारी अधिक प्रभावी है। हालांकि, विभागीय रिपोर्ट यह भी बताती है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में कर संग्रह में लगभग 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इस कमी के पीछे मुख्य कारणों में कोयला क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) में बारिश के कारण खनन कार्य प्रभावित होना और आयकर स्लैब में किए गए हालिया बदलावों को माना जा रहा है। औद्योगिक करदाताओं की बात करें तो व्यक्तिगत श्रेणी में जहाँ धोनी शीर्ष पर हैं, वहीं कंपनियों की श्रेणी में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और सीएमपीडीआई जैसे सार्वजनिक उपक्रमों ने सबसे ज्यादा कर चुकाया है।

आयकर विभाग अब टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाए हुए है। डॉ. सुधाकर राव ने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष के दौरान टैक्स चोरी के संदिग्ध मामलों में करीब 12 बड़े कारोबारी समूहों के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई थी। इन कार्रवाइयों की जद में 150 से अधिक छोटे-बड़े व्यापारी और उद्यमी आए। इसके अतिरिक्त, बिहार और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में कर चोरी और जानबूझकर आयकर न चुकाने के गंभीर मामलों में 90 से अधिक व्यक्तियों और व्यापारिक संस्थाओं के खिलाफ कानूनी मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। हालांकि विभाग ने वर्तमान में इन कंपनियों और व्यक्तियों के नामों को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि कर अनुपालन में कोताही बरतने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो बिहार और झारखंड में करीब पांच करोड़ लोगों के पास पैन कार्ड उपलब्ध है, लेकिन नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या महज 40 लाख के आसपास है। चिंताजनक तथ्य यह है कि इन 40 लाख रिटर्न दाखिल करने वालों में से भी केवल 70 प्रतिशत लोग ही वास्तव में टैक्स का भुगतान करते हैं, जो कर आधार को बढ़ाने की चुनौतियों को रेखांकित करता है।

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने अपने रांची दौरे के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया 'नया आयकर अधिनियम 2025' अप्रैल 2026 से प्रभावी होने जा रहा है। इस नए कानून के प्रावधानों, तकनीकी बारीकियों और संशोधित नियमों से होने वाले लाभों की जानकारी आम करदाताओं तक पहुँचाने के लिए विभाग विशेष अभियान चला रहा है। इसी सिलसिले में रांची में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, विभिन्न व्यापारिक संगठनों और औद्योगिक समूहों के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि नए अधिनियम के लागू होने से कर प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और ईमानदार करदाताओं को अधिक सुविधा मिलेगी। गुरुवार को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में डॉ. राव ने बिहार-झारखंड के आयकर अधिकारियों के साथ भी संवाद किया और उनकी प्रशासनिक समस्याओं को सुना। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में तकनीक का सहारा लेकर और करदाताओं को जागरूक कर राजस्व संग्रह को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, ताकि विकास कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि सुनिश्चित की जा सके। महेंद्र सिंह धोनी जैसे आइकन का शीर्ष टैक्सपेयर बने रहना समाज में एक सकारात्मक संदेश भी भेजता है कि देश के प्रति अपनी वित्तीय जिम्मेदारी निभाना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि मैदान पर तिरंगे का मान बढ़ाना।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-