अप्रैल में 127 चोरी, 38 लूट, 24 दुष्कर्म, 19 साइबर ठगी और 11 हत्याओं से दहला जबलपुर

अप्रैल में 127 चोरी, 38 लूट, 24 दुष्कर्म, 19 साइबर ठगी और 11 हत्याओं से दहला जबलपुर

प्रेषित समय :21:05:20 PM / Sun, May 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में अप्रैल 2026 के दौरान अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है.  स्थानीय मीडिया मॉनिटरिंग से संकलित आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में हत्या, दुष्कर्म, लूट, चोरी और साइबर ठगी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई. अपराध के बदलते स्वरूप ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. खासकर डिजिटल फ्रॉड और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेजी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

अपराध के इन आंकड़ों का आधार जिला पुलिस कंट्रोल रूम, अपराध शाखा, साइबर सेल, महिला थाना रिकॉर्ड, स्थानीय थाना रिपोर्ट और अप्रैल 2026 के दौरान प्रकाशित प्रमुख समाचार रिपोर्ट्स को माना गया है. हालांकि सूत्रों  का मानना  है कि कुछ मामलों में जांच जारी है और अंतिम आंकड़ों में मामूली बदलाव संभव है.  

मार्च 2026 की तुलना में अप्रैल महीने में अपराध के अधिकांश मामलों में बढ़ोतरी देखी गई. मार्च में हत्या के 8 मामले सामने आए थे, जबकि अप्रैल में यह संख्या बढ़कर 11 तक पहुंच गई. इसी तरह मार्च में दुष्कर्म के 18 मामले दर्ज हुए थे, जो अप्रैल में बढ़कर 24 हो गए. चोरी और नकबजनी के मामलों में भी बड़ा उछाल देखा गया. मार्च में जहां करीब 103 चोरी और सेंधमारी की घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं अप्रैल में यह आंकड़ा 127 तक पहुंच गया. लूट और छीना-झपटी के मामलों में भी मार्च के 29 मामलों की तुलना में अप्रैल में 38 प्रकरण सामने आए. साइबर ठगी के मामलों में भी तेजी रही. मार्च में 11 प्रमुख साइबर फ्रॉड दर्ज हुए थे, जबकि अप्रैल में यह संख्या बढ़कर 19 तक पहुंच गई.

 संकलित अपराध रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल महीने में जिलेभर में हत्या के 11 मामले दर्ज किए गए. इनमें अधिकांश मामलों की वजह पुरानी रंजिश, जमीन विवाद और पारिवारिक तनाव बताए गए. कई घटनाओं में मामूली विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गंभीर अपराधों का दबाव बना रहा.

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी चिंताजनक स्थिति सामने आई. अप्रैल के दौरान दुष्कर्म के 24 प्रकरण दर्ज हुए. इसके अलावा छेड़छाड़, पीछा करने और घरेलू हिंसा से जुड़ी कई शिकायतें महिला थानों और हेल्पलाइन तक पहुंचीं.  कई मामलों में आरोपित परिचित या नजदीकी व्यक्ति ही निकले. महिला सुरक्षा को लेकर सामाजिक संगठनों ने भी चिंता जताई है. विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और मोबाइल चैटिंग के जरिए ब्लैकमेलिंग और शोषण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं.

संपत्ति संबंधी अपराधों में सबसे ज्यादा मामले चोरी के सामने आए. अप्रैल महीने में जिलेभर में 127 चोरी और नकबजनी की घटनाएं दर्ज हुईं. इनमें घरों, दुकानों, बंद मकानों और वाहनों को निशाना बनाया गया. शहर के बाहरी इलाकों और नई कॉलोनियों में सक्रिय गिरोहों ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ाईं. कई मामलों में सीसीटीवी फुटेज मिलने के बावजूद आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं. अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों से जुड़े संगठित गिरोहों की गतिविधियां भी सामने आ रही हैं.

लूट और छीना-झपटी की घटनाओं ने भी लोगों में दहशत बढ़ाई. अप्रैल महीने में 38 लूट और चाकूबाजी से जुड़े मामले दर्ज किए गए. इनमें देर रात सुनसान इलाकों में राहगीरों को निशाना बनाने की घटनाएं अधिक रहीं. कई मामलों में बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल, नकदी और महिलाओं के गहने लूटे. पुलिस ने कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया है, लेकिन वारदातों का सिलसिला पूरी तरह नहीं थमा.

साइबर अपराध अब जबलपुर पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं. साइबर सेल रिकॉर्ड और शिकायत पोर्टल के अनुसार अप्रैल महीने में 19 बड़े साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज हुए, जबकि छोटी ऑनलाइन ठगी और फर्जी लिंक से जुड़ी शिकायतों की संख्या इससे कहीं ज्यादा रही. डिजिटल अरेस्ट, बैंक केवाईसी अपडेट, निवेश योजना और फर्जी कॉल सेंटर के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह सक्रिय रहे. कई बुजुर्ग और पेंशनर्स लाखों रुपये गंवा बैठे. साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी अब तकनीकी रूप से ज्यादा संगठित हो चुके हैं.

नशे और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में भी पुलिस ने कार्रवाई की. अप्रैल के दौरान गांजा, अवैध शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आए. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शहर और आसपास के इलाकों में स्मैक सप्लाई और अवैध शराब बिक्री को लेकर विशेष अभियान चलाए गए. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई हिंसक अपराध सीधे तौर पर नशे की लत और अवैध नेटवर्क से जुड़े पाए गए

अप्रैल 2026 के अपराध आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि जबलपुर में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. पारंपरिक अपराधों के साथ अब डिजिटल अपराध भी कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं. पुलिस प्रशासन लगातार कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने की बात कह रहा है, लेकिन बढ़ते आंकड़े बता रहे हैं कि शहर में अपराध नियंत्रण अब पहले से ज्यादा कठिन होता जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-