जबलपुर. एमपी के जबलपुर से धनौरा जिला सिवनी स्थित विकासखंड अधिकारी कार्यालय पहुंची लोकायुक्त पुलिस की टीम ने भृत्य देवेन्द्र कुमार सिरसाम से दस हजार रुपए की रिश्वत ले रहे क्लर्क अरुण कुमार कुमरे को रंगे हाथ पकड़ा है. क्लर्क अरुण कुमार के लोकायुक्त टीम के हत्थे चढ़ते देख आफिस में हड़कम्प मच गया था.
इस संबंध में लोकायुक्त एसपी अंजु पटले ने बताया कि ग्राम छुई जिला सिवनी निवासी देवेंद्र पिता लखन लाल सिरसाम उम्र 43 साल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनवारा विकासखंड धनोरा जिला सिवनी में भृत्य के पद पर पदस्थ है. इसके पूर्व में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमगढ़ विकासखंड छपारा में पदस्थ था, जहां उसे निलंबित कर दिया गया था. बहाली के उपरांत वर्तमान पदस्थापना पर पदस्थ किया गया था 14 माह की निलंबन अवधि के जीवन निर्वाह भत्ता लगभग 165000 के लिए कार्यालय विकासखंड अधिकारी धनोरा में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 अरुण कुमार कमरे से मिला. जिसके द्वारा आवेदक से 32000 रुपए की रिश्वत की मांग जा रही थी.
जिसकी शिकायत देवेन्द्र ने जबलपुर पहुंचकर लोकायुक्त एसपी से की. इसके बाद आज देवेन्द्र ने विकासखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर रिश्वत की पहली किश्त के रुप में दस हजार रुपए दिए. जैसे ही क्लर्क अरुण कुमार कुमरे ने रुपए लिए तभी लोकायुक्त टीम के सदस्य निरीक्षक जितेंद्र यादव,निरीक्षक बृज मोहन नरवरिया सहित अन्य ने दबिश देकर अरुण कुमार को रंगे हाथ पकड़ लिया. लोकायुक्त टीम के हत्थे चढ़ते ही क्लर्क अरुण कुमार कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गया. वहीं आफिस में यह खबर आग की तरह फैल गई, देखते ही देखते कर्मचारी एकत्र हो गए, जिनके बीच तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त रही.
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