रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में कॉपी जांच में बड़ी लापरवाही का आरोप, छात्रा बोली बिना जांचे कर दिया फेल

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में कॉपी जांच में बड़ी लापरवाही का आरोप, छात्रा बोली बिना जांचे कर दिया फेल

प्रेषित समय :21:57:08 PM / Mon, May 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर.रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में परीक्षा मूल्यांकन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विश्वविद्यालय की बीपीएड तृतीय सेमेस्टर की छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसकी उत्तर पुस्तिका बिना ठीक से जांचे ही उसे फेल घोषित कर दिया गया. छात्रा का कहना है कि उसने परीक्षा में सभी प्रश्नों के उत्तर लिखे थे, लेकिन उसे 70 में से केवल 11 अंक दिए गए. मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है और कुलपति ने जांच के आदेश दिए हैं.

जानकारी के अनुसार रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में अध्ययनरत बीपीएड तृतीय सेमेस्टर की छात्रा निकिता राजक ने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट विषय में गलत मूल्यांकन का आरोप लगाया है. हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में उसे 70 में से मात्र 11 अंक प्राप्त हुए, जिसके कारण वह विषय में अनुत्तीर्ण हो गई. परिणाम देखकर छात्रा और उसके परिजन हैरान रह गए क्योंकि निकिता का दावा है कि वह शुरू से पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करती रही है और इससे पहले कभी किसी विषय में बैक पेपर या एटीकेटी नहीं आई.

छात्रा ने बताया कि वह नियमित रूप से सुबह से शाम तक कक्षाओं में उपस्थित रहती थी और उसकी उपस्थिति 78 प्रतिशत से अधिक थी. ऐसे में अचानक इतने कम अंक आने पर उसे संदेह हुआ. इसके बाद वह अपनी मां के साथ विभागाध्यक्ष कार्यालय पहुंची और उत्तरपुस्तिका दिखाने की मांग की. निकिता का आरोप है कि जब उसकी कॉपी दिखाई गई तो उसमें अधिकांश उत्तरों की जांच ही नहीं की गई थी. उसके अनुसार केवल एक प्रश्न पर अंक दिए गए थे जबकि बाकी प्रश्नों को बिना जांचे छोड़ दिया गया.

निकिता राजक ने आरोप लगाया कि यह विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही है और इससे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उसने दावा किया कि उसने पूरे मामले का वीडियो भी बनाया है और उसके पास स्क्रीनशॉट सहित अन्य प्रमाण मौजूद हैं. छात्रा के मुताबिक विभागाध्यक्ष ने भी स्वीकार किया कि कॉपी की जांच ठीक से नहीं हुई और पुनर्मूल्यांकन कराने का आश्वासन दिया गया है.

मामला सामने आने के बाद छात्र राजनीति भी सक्रिय हो गई है. एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता अचलनाथ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदारों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस प्रकार की लापरवाहियों पर रोक नहीं लगाई गई तो छात्रों का विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठ जाएगा. छात्र संगठन ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच की मांग की है.

इस मामले के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. छात्रों का कहना है कि यदि उत्तर पुस्तिकाओं की सही तरीके से जांच नहीं की जा रही है तो मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है. कई छात्रों और अभिभावकों ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली लागू करने की मांग उठाई है.

विश्वविद्यालय के कुलपति राजेश कुमार वर्मा ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कुलपति ने यह भी आश्वासन दिया कि छात्रा के साथ न्याय किया जाएगा और उसकी उत्तर पुस्तिका का नियमानुसार पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा.

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि परीक्षा परिणाम किसी भी छात्र के भविष्य को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे में मूल्यांकन में छोटी सी लापरवाही भी किसी विद्यार्थी के आत्मविश्वास और करियर पर गंभीर असर डाल सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालयों को डिजिटल मूल्यांकन और दोहरी जांच जैसी व्यवस्थाएं लागू करनी चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके.

फिलहाल इस पूरे मामले ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. छात्रा की शिकायत और वीडियो प्रमाण सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक छात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विश्वविद्यालय की पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-