जबलपुर के पलवा गांव में कलेक्टर का घेराव, ग्रामीणों ने कहा, विकास नहीं, सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ, चार तहसीलदार हटाए

जबलपुर के पलवा गांव में कलेक्टर का घेराव, ग्रामीणों ने कहा, विकास नहीं, सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ, चार तहसीलदार हटाए

प्रेषित समय :15:08:47 PM / Wed, May 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में शहपुरा स्थित पलवा गांव में उस वक्त हड़कम्प मच गया, जब ग्रामीणों ने निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसडीएम और तहसीलदार का घेराव कर गांव की बदहाल तस्वीर सामने रख दी. गांव की सड़कों पर कीचड़, गंदे पानी और अधूरे विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया.

बताया गया है कि कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का जायजा लेने और लोगों से बातचीत करने निकले थे. शाम के समय जैसे ही उनका काफिला बरगी विधानसभा क्षेत्र के पलवा गांव पहुंचा, अधिकारियों की नजर गांव की सड़कों पर बह रहे गंदे पानी और बदहाल व्यवस्था पर पड़ी. गांव में जल निकासी के लिए समुचित नालियां तक नहीं थीं और पूरी सड़क दलदल में तब्दील नजर आ रही थी. इसी दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर की गाड़ी रोक ली और गांव की वास्तविक स्थिति दिखाई. ग्रामीणों ने सरपंच कमलेश पटेल, सहायक सचिव और संबंधित अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए.

लोगों का कहना था कि गांव में विकास कार्य सिर्फ कागजों में पूरे कर दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं. विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद गांव की हालत बदतर बनी हुई है. लोगों ने मांग की कि सरपंच और सहायक सचिव के कार्यकाल में हुए सभी निर्माण कार्यों की उ'चस्तरीय वित्तीय जांच कराई जाए.

नालियों का निर्माण घटिया-

ग्रामीणों ने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में भी गांव की मुख्य सड़कों पर कीचड़ और गंदा पानी भरा हुआ है. उनका कहना था कि गांव में पीने का पानी भले न मिले, लेकिन सड़कों पर बहता पानी हर जगह दिखाई देता है. आरोप है कि नालियों का निर्माण बेहद घटिया तरीके से किया गया, जिसके कारण पानी सड़कों पर फैल रहा है.

कीचड़ में फंस गईं अधिकारियों की गाडिय़ां-

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की गाडिय़ां भी कीचड़ में फंस गईं. काफी मशक्कत के बाद वाहनों को बाहर निकाला गया. यह दृश्य देखकर ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया. ग्रामीणों ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब गर्मी में गांव का यह हाल है, तो बारिश के मौसम में हालात कितने भयावह हो जाते होंगे. लोगों ने कहा कि जब अधिकारियों की गाडिय़ां तक सुरक्षित नहीं निकल पा रहीं, तो ब'चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रोज कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा.

कलेक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी-

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरपंच, सहायक सचिव और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे.

कलेक्टर ने चार तहसीलदारों को हटाया-

घटना के बाद ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए चार तहसीलदारों के पदस्थापना परिवर्तन के आदेश जारी कर दिए. प्रभारी तहसीलदार सुमित गुप्ता को तहसीलदार शहपुरा से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तहसील शहपुरा पद पर पदस्थ किया गया है. इसके अलावा तीन अन्य तहसीलदारों के भी तबादले किए गए हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-