जबलपुर. सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने नौतपा के आधिकारिक रूप से शुरू होने से पहले ही आम जनजीवन को पूरी तरह से झुलसा कर रख दिया है. शहर में भीषण गर्मी का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि तापमान ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. रविवार को सुबह से ही सूर्य की तीखी किरणों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था और दोपहर होते-होते आसमान से आग बरसने लगी. इस तीव्र हीटवेव और चिलचिलाती धूप के कारण शहर की मुख्य सड़कें, बाजार और सार्वजनिक स्थल पूरी तरह से सूने नजर आए. ऐसा लग रहा था मानो पूरे शहर में अघोषित कर्फ्यू लग गया हो, क्योंकि लोग भीषण गर्मी से बचने के लिए अपने घरों में ही दुबके रहे और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकले.
मौसम विभाग के अनुसार 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है, जिसमें पारंपरिक रूप से नौ दिनों तक अत्यधिक गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार नौतपा से ठीक एक दिन पहले ही जबलपुर में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. रविवार को शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड खतरे में डाल दिया है. गर्म और शुष्क हवाओं (लू) के थपेड़ों ने दोपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशान किया. दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक शहर के व्यस्ततम इलाके जैसे मालवीय चौक, करमचंद चौक, सिविल लाइंस और सदर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा. जो इक्का-दुक्का लोग सड़कों पर दिखाई भी दिए, वे अपने चेहरे और सिर को पूरी तरह से सूती कपड़ों और गमछों से ढके हुए थे.
इस भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय डॉक्टरों ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. चिकित्सा विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को सचेत करते हुए सलाह दी है कि वे दोपहर के समय बिना किसी बेहद जरूरी काम के घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें. डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सीधे धूप के संपर्क में आने से हीट स्ट्रोक (लू लगना) और डिहाइड्रेशन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इस मौसम में अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए लगातार ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों के रस का सेवन करने की हिदायत दी जा रही है.
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और अधिक कड़े हो सकते हैं. आगामी 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा के दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम होने से धूप का असर और बढ़ेगा, जिससे तापमान में एक से दो डिग्री की और बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है. ऐसे में जबलपुर वासियों को फिलहाल इस जानलेवा गर्मी और उमस से कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है. नगर निगम और जिला प्रशासन ने भी गर्मी को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं, ताकि राहगीरों को कुछ राहत मिल सके. सोशल मीडिया पर भी दिनभर जबलपुर की इस भीषण गर्मी और सूनी सड़कों की तस्वीरें और वीडियो छाए रहे, जहां लोग बढ़ते पारे को लेकर अपनी चिंताएं साझा करते दिखे.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

