‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर देशभर में सियासी घमासान, पुलिस निगरानी से लेकर साइबर ठगी तक बढ़ा विवाद

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर देशभर में सियासी घमासान, पुलिस निगरानी से लेकर साइबर ठगी तक बढ़ा विवाद

प्रेषित समय :22:03:55 PM / Sun, May 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया पेज के तौर पर शुरू हुई Cockroach Janta Party अब राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुकी है. कुछ ही दिनों में यह ऑनलाइन समूह सोशल मीडिया से निकलकर राजनीति, पुलिस कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट और साइबर अपराध तक पहुंच गया है. देश के अलग-अलग राज्यों में इसके नाम पर प्रदर्शन हो रहे हैं, नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं और अब इस संगठन को लेकर कानूनी लड़ाई भी शुरू हो गई है. हालात ऐसे बन गए हैं कि समूह के संस्थापक के घर के बाहर पुलिस तैनात करनी पड़ी, जबकि साइबर अपराधी भी इसके नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने में जुट गए हैं.

हाल ही में CJP के आधिकारिक Instagram अकाउंट पर राजस्थान के जयपुर का एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें कुछ युवक-युवतियां “कॉकरोच” की वेशभूषा पहनकर भ्रष्टाचार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते नजर आए. पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया कि “कॉकरोच अपनी आवाज उठा रहे हैं, ठीक उसी तरह जैसे हम चाहते हैं — शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से.” इससे पहले ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में भी युवाओं ने नौकरी भर्ती में देरी के विरोध में इसी प्रतीक का इस्तेमाल किया था.

बताया जा रहा है कि CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं. यह संख्या कई राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया आधार से भी अधिक बताई जा रही है. समूह की लोकप्रियता लगातार बढ़ने के साथ ही यह सरकार और प्रशासन की नजरों में भी आ गया है. अब इस पूरे मामले ने कानूनी और राजनीतिक रंग ले लिया है.

इस विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब Surya Kant द्वारा कथित तौर पर सुनवाई के दौरान “कॉकरोच” और “पैरासाइट” जैसे शब्दों का उपयोग किए जाने की चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्रीधारी लोगों के संदर्भ में थी. लेकिन इसी टिप्पणी से प्रेरित होकर “Cockroach Janta Party” नाम तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया.

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP संस्थापक Abhijeet Dipke के परिवार के घर के बाहर पुलिस तैनात की गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है ताकि सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे इस मुद्दे के कारण किसी प्रकार की भीड़ या तनाव की स्थिति न बने. हालांकि अभिजीत दिपके ने अमेरिका से मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें एक वीडियो भी भेजा गया जिसमें कुछ लोग उनके घर के बाहर पहुंचने की बात कह रहे थे.

दिपके के पिता भगवान दिपके ने एक मराठी चैनल से बातचीत में कहा कि वह पिछले दो दिनों से सो नहीं पाए हैं और अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. उनकी मां अनीता दिपके ने भी कहा कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा सुरक्षित घर लौट आए. इस बीच अभिजीत दिपके ने दावा किया कि उनका Instagram अकाउंट हैक करने की कोशिश हुई, जबकि X अकाउंट को भारत में कानूनी मांग के बाद सीमित कर दिया गया. समूह की वेबसाइट भी कथित तौर पर ब्लॉक या प्रतिबंधित कर दी गई है.

इस पूरे विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री Sukanta Majumdar ने दावा किया कि CJP के 49 प्रतिशत सोशल मीडिया फॉलोअर्स पाकिस्तान से हैं, जबकि केवल 9 प्रतिशत भारत से हैं. हालांकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया. वहीं Rajeev Chandrasekhar ने इसे “क्रॉस बॉर्डर इन्फ्लुएंस ऑपरेशन” बताया. दिल्ली भाजपा नेता Tajinder Bagga ने सोशल मीडिया पर इसे “Pakistan Janta Party” कहा.

इसके जवाब में अभिजीत दिपके ने X पर वीडियो साझा कर दावा किया कि उनके Instagram ऑडियंस डेटा के अनुसार 94 प्रतिशत से अधिक फॉलोअर्स भारत से हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी क्यों बताया जा रहा है. इस बीच केंद्र सरकार के सहयोगी दल Telugu Desam Party के नेताओं ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया है. आंध्र प्रदेश में पार्टी अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि इस आंदोलन के जरिए युवाओं की चिंताओं को समझने की जरूरत है और नीतियों की समीक्षा की जानी चाहिए.

मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. अधिवक्ता Raja Choudhary ने अदालत में जनहित याचिका दायर कर CJP के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों का व्यावसायिक और राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें यह भी कहा गया कि “Cockroach Janta Party” नाम से ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए गए हैं और यह न्यायिक टिप्पणियों का व्यावसायिक शोषण है.

इधर इस पूरे विवाद के बीच साइबर अपराधियों ने भी CJP के नाम का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. Punjab Police ने चेतावनी जारी की है कि व्हाट्सएप पर “CJP में शामिल होने” के नाम पर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं. पुलिस के अनुसार जैसे ही लोग इन लिंक पर क्लिक करते हैं, उनका मोबाइल फोन हैक हो सकता है और बैंकिंग जानकारी साइबर ठगों के हाथ लग सकती है. लुधियाना पुलिस के एक अधिकारी ने वीडियो जारी कर कहा कि यह मजाक नहीं बल्कि गंभीर साइबर खतरा है.

सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लगातार बहस जारी है. कुछ लोग इसे युवाओं की नाराजगी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कई लोग इसे सुनियोजित डिजिटल अभियान और राजनीतिक प्रभाव का हिस्सा बता रहे हैं. फिलहाल “कॉकरोच जनता पार्टी” केवल एक मीम पेज नहीं रह गई है, बल्कि यह देशभर में राजनीति, न्यायपालिका, सोशल मीडिया और साइबर सुरक्षा के बीच उभरती नई बहस का केंद्र बन चुकी है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-