जबलपुर. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक महिला को मारकर खाने वाले बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मामला पनपथा रेंज के खेरवाटोला गांव का है, जहां रविवार, 24 मई को तड़के जंगल से भटककर पहुंचे एक नर बाघ ने महिला पर हमला कर दिया. हमले में महिला की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य घायल हो गए थे. वहीं मृत बाघ (टाइगर) को पोस्ट मार्टम के लिये सोमवार 25 मई को जबलपुर के वेटरनरी विवि स्थित एसडबलूएफएच लाया गया है. जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौत के कारणों की जांच करेगी.
बताया जाता है कि घटना के बाद बाघ करीब छह घंटे तक मृतका के शव के पास बैठा रहा. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम रेस्क्यू के लिए पहुंची और बाघ को ट्रेंकुलाइज किया. इसके कुछ देर बाद बाघ की भी मौत हो गई. एक्सपर्ट का कहना है कि बाघ की मौत की वजह ओवरडोज या फिर एंटीडोज देने में देरी से हुई हो सकती है.
पीएम के बाद मौत की वजह साफ होगी
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ समीता राजौरा का कहना है कि बाघ का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, मौत की असल वजह पोस्टमार्टम व हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी. इसी बीच खेरवाटोला गांव के गुस्साए ग्रामीणों ने वन कर्मियों पर हमला भी कर दिया, जिसमें कई वन कर्मचारी घायल हुए हैं. खेरवाटोला गांव में ही गौशाला में शव के पास बैठे बाघ को रेस्क्यू और उसे काबू में करने के लिए दो हाथी भी बुलाए गए थे.
मुख्यमंत्री ने की 25 लाख की घोषणा
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतक महिला फूलबाई पाल के परिजन को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है.
बाघ का जबलपुर में दोबारा होगा परीक्षण
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बाघ की मृत्यु के उपरांत प्रोटोकाल अनुसार मृत बाघ के शव का परीक्षण कराया गया. वरिष्ठ स्तर के निर्देश पर नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के प्रतिनिधि एआईजी, एनटीसीए क्षेत्रीय कार्यालय नागपुर के समक्ष दोबारा से शव परीक्षण किया जाएगा. परीक्षण करने वाली तीन सदस्यीय टीम में पशु चिकित्सक डॉ. निधि राजपूत, पशुचिकित्सक एसडबलूएफएच जबलपुर, डॉ. अभय संगेर, पशु चिकित्सक, मुकुंदपुर एवं डॉ. प्रशांत देशमुख, पशुचिकित्सक, डबलूसीटी द्वारा एसडबलूएफएच जबलपुर को शामिल किया गया है. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) की सदस्य सचिव, एनटीसीए दिल्ली से हुई चर्चा अनुसार बाघ के शव के पुन: परीक्षण के लिए उसे एसडबलूएफएच जबलपुर में सुरक्षित पहुंचाया जाकर डीप फ्रिज में रखा गया.


