एआई से अश्लील तस्वीरें बनाकर महिला को किया बदनाम, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर पंडित ने रची डिजिटल साजिश

एआई से अश्लील तस्वीरें बनाकर महिला को किया बदनाम, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर पंडित ने रची डिजिटल साजिश

प्रेषित समय :15:21:10 PM / Thu, May 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अहमदाबाद. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक के दुरुपयोग का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली के एक कथावाचक और धार्मिक वीडियो बनाने वाले युवक ने एक महिला और उसकी मां की तस्वीरों को एआई टूल्स की मदद से अश्लील रूप देकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला की दोस्ती ठुकराए जाने के बाद बदला लेने के उद्देश्य से यह पूरी साजिश रची थी.

गुजरात की रहने वाली पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है. पुलिस के मुताबिक महिला की मुलाकात सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी सुमित नेमचंद शर्मा से हुई थी. आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धार्मिक प्रवचन और आध्यात्मिक वीडियो साझा करता था. शुरुआती बातचीत धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर होती रही, लेकिन बाद में आरोपी ने महिला से दोस्ती करने की कोशिश की. महिला द्वारा इनकार किए जाने के बाद आरोपी ने उसे ऑनलाइन परेशान करना शुरू कर दिया.

जांच में सामने आया कि आरोपी दिसंबर 2025 से लेकर 6 अप्रैल 2026 तक लगातार महिला का पीछा करता रहा. उसने महिला और उसकी मां की तस्वीरें उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से डाउनलोड कर लीं. इसके बाद आरोपी ने इंटरनेट पर ऐसे एआई टूल्स और वेबसाइट्स खोजीं जो तस्वीरों से कपड़े हटाने या मॉर्फिंग करने का दावा करती हैं. आरोपी ने उन्हीं टूल्स की मदद से महिला और उसकी मां की 100 से अधिक अश्लील और मॉर्फ्ड तस्वीरें तथा वीडियो तैयार कर दिए.

पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला को सार्वजनिक रूप से बदनाम करने के उद्देश्य से उसके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए तीन फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट और एक यूट्यूब चैनल बनाया. इन प्लेटफॉर्म्स पर आरोपी ने एआई से तैयार अश्लील तस्वीरें और वीडियो अपलोड किए. साथ ही अपमानजनक और अशोभनीय टिप्पणियां भी लिखीं ताकि महिला और उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा सके.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आठ से दस फर्जी अकाउंट बनाए थे. इन अकाउंट्स के जरिए लगातार आपत्तिजनक सामग्री साझा की जा रही थी. अधिकारियों के मुताबिक आरोपी महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और समाज में उसकी छवि खराब करने की मंशा से यह सब कर रहा था.

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की. यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ शुरू किए गए विशेष अभियान “मिशन साइबर रक्षिका : सिक्योर हर स्पेस” के तहत की गई, जिसका उद्देश्य महिलाओं को ऑनलाइन उत्पीड़न और डिजिटल अपराधों से सुरक्षा देना है.

पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस टीम ने डिजिटल ट्रैकिंग और तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया. इंस्पेक्टर एमएच भेतारिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में छापा मारा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी के डिजिटल उपकरणों की भी जांच की, जिनसे कई अहम सबूत मिलने की बात कही जा रही है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने गूगल पर “AI Remove Clothes” जैसे शब्द सर्च कर कई वेबसाइट्स और टूल्स का इस्तेमाल किया था. इन टूल्स की मदद से तस्वीरों को अश्लील रूप दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि तकनीक का ऐसा दुरुपयोग समाज के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है और साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है.

आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्राथमिकी मई के पहले सप्ताह में दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया था.

इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया सुरक्षा, एआई तकनीक के दुरुपयोग और महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से बढ़ती एआई तकनीक जहां सुविधाएं दे रही है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल लोगों की निजी जिंदगी और सम्मान के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है. साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से सोशल मीडिया पर निजी तस्वीरें साझा करते समय सतर्क रहने और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील की है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-