सदर में इलेक्ट्रॉनिक कारोबारियों से लाखों की कथित ठगी, हरियाणा की कंपनी पर एफआईआर दर्ज

सदर में इलेक्ट्रॉनिक कारोबारियों से लाखों की कथित ठगी, हरियाणा की कंपनी पर एफआईआर दर्ज

प्रेषित समय :16:03:32 PM / Thu, May 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. शहर में इलेक्ट्रॉनिक कारोबारियों के साथ कथित ठगी का एक और मामला सामने आया है. सदर क्षेत्र के एक व्यापारी से करीब तीन लाख रुपये लेने के बाद माल सप्लाई नहीं करने पर कैंट थाना पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत स्थित एवर होम एप्लाइंसेस कंपनी के संचालक ऋषभ जौहर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और कंपनी के बैंक खातों व लेनदेन की जानकारी खंगाली जा रही है.

जानकारी के अनुसार राजीव गांधी नगर कैंट निवासी सौरभ मुक्ता की सदर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान है. कुछ समय पहले उनकी मुलाकात विजय नगर निवासी रूपेन्द्र श्रीवास्तव से हुई थी. रूपेन्द्र ने खुद को एवर होम एप्लाइंसेस कंपनी का रीजनल मैनेजर बताते हुए सौरभ से संपर्क किया. आरोप है कि उसने कंपनी से जोड़ने के लिए सौरभ को ऑफर लेटर भी ईमेल के माध्यम से भेजा और कारोबार बढ़ाने का भरोसा दिलाया.

सौरभ मुक्ता ने कंपनी पर विश्वास करते हुए टीवी खरीदने के लिए कंपनी के खाते में दो लाख 90 हजार रुपये जमा कर दिए. भुगतान के बाद उन्हें उम्मीद थी कि तय समय में माल पहुंच जाएगा, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी टीवी की खेप नहीं पहुंची. आरोप है कि जब सौरभ ने इस संबंध में पहले रूपेन्द्र श्रीवास्तव और बाद में कंपनी संचालक ऋषभ जौहर से संपर्क करने की कोशिश की, तो शुरुआत में उन्हें टालमटोल जवाब मिले और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया गया.

काफी प्रयासों के बाद भी न तो माल मिला और न ही जमा की गई रकम वापस हुई. खुद को ठगा महसूस कर सौरभ मुक्ता ने कैंट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने एवर होम एप्लाइंसेस कंपनी के संचालक ऋषभ जौहर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कायम कर लिया है.

पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी कंपनी के खिलाफ शहर के ओमती थाने में पहले से एक और एफआईआर दर्ज है. सराफा वार्ड निवासी रीतेश जैन, जो तुलाराम चौक क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान संचालित करते हैं, ने भी कंपनी पर लाखों रुपये की ठगी का आरोप लगाया है.

रीतेश जैन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने शुरुआत में कंपनी को 47 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेजे थे. इसके बदले उन्हें पांच एलईडी टीवी प्राप्त हुए, जिससे उनका कंपनी पर भरोसा बढ़ गया. इसके बाद उन्होंने छह मई को दो लाख 16 हजार रुपये का दूसरा भुगतान किया. आरोप है कि दूसरी खेप कभी नहीं भेजी गई और बाद में कंपनी संचालक ने फोन उठाना बंद कर दिया.

रीतेश जैन ने जब लगातार संपर्क करने की कोशिश की और कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने ओमती थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने उनकी शिकायत पर भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सामने आए मामलों के बाद पुलिस अब कंपनी के पूरे नेटवर्क और लेनदेन की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के बैंक खातों, ट्रांजैक्शन डिटेल और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है. यह भी जांच की जा रही है कि कहीं अन्य कारोबारियों के साथ भी इसी तरह की ठगी तो नहीं की गई.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में मामला योजनाबद्ध धोखाधड़ी का प्रतीत हो रहा है. कारोबारियों को पहले छोटे ऑर्डर की सप्लाई देकर भरोसा जीतने और बाद में बड़ी रकम लेकर माल नहीं भेजने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस का कहना है कि यदि जांच में और शिकायतें सामने आती हैं तो मामले में धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं.

शहर के व्यापारिक संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए इलेक्ट्रॉनिक कारोबारियों से सतर्क रहने की अपील की है. व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान और बाहरी कंपनियों से कारोबार करते समय पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके.

फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-