नई दिल्ली. कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 के दौरान देशभर के कई परीक्षा केंद्रों पर सामने आई तकनीकी गड़बड़ी के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देने का फैसला किया है. एनटीए ने घोषणा की है कि जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा तकनीकी कारणों से पूरी नहीं हो सकी, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाएगा. एजेंसी ने इसे एक विशेष और एकमुश्त व्यवस्था बताया है.
शुक्रवार को आयोजित सीयूईटी-यूजी परीक्षा के दौरान देश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या सामने आई थी. परीक्षा संचालन से जुड़ी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की ओर से तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद कई केंद्रों पर परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी. इस कारण हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. कई छात्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर परीक्षा में देरी और परीक्षा केंद्रों पर सूचना के अभाव को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराईं.
एनटीए ने अपने आधिकारिक बयान में स्वीकार किया कि तकनीकी व्यवधान के कारण कुछ अभ्यर्थियों को कठिनाई हुई है. एजेंसी ने कहा कि जो अभ्यर्थी 30 मई को प्रथम पाली की परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, बायोमेट्रिक पंजीयन करा चुके थे, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर सके, उन्हें पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाएगा.
एजेंसी के अनुसार देशभर में 533 परीक्षा केंद्रों पर 12 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 73 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए. इनमें से करीब 95 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक अपनी परीक्षा पूरी कर ली. हालांकि लगभग 5 प्रतिशत यानी 3,765 अभ्यर्थी ऐसे रहे जिन्होंने तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा दोबारा शुरू होने का इंतजार नहीं किया और केंद्र छोड़कर चले गए. एनटीए ने स्पष्ट किया है कि इन सभी 3,765 अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी.
एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परीक्षा के दौरान आई तकनीकी समस्या का समाधान कर लिया गया था और प्रभावित केंद्रों पर अभ्यर्थियों को पूर्ण प्रतिपूरक समय दिया गया, ताकि किसी भी छात्र को नुकसान न हो. सुबह की पाली के परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय उपलब्ध कराया गया और परीक्षा समाप्त होने तक उन्हें केंद्र में रहने की अनुमति दी गई.
तकनीकी गड़बड़ी के कारण दोपहर सत्र के समय में भी बदलाव करना पड़ा. संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर की पाली के लिए अभ्यर्थियों की एंट्री दोपहर 2:30 बजे से शुरू हुई, जबकि परीक्षा का समय शाम 4 बजे निर्धारित किया गया. इससे पहले परीक्षा दोपहर 3 बजे शुरू होनी थी. एनटीए का कहना है कि समय परिवर्तन का उद्देश्य सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करना था.
इस बीच एनटीए ने तकनीकी सेवा प्रदाता टीसीएस आयन को घटना की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं. एजेंसी ने कंपनी से तकनीकी गड़बड़ी के मूल कारणों का पता लगाकर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. एनटीए का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद यह तय किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन-कौन से अतिरिक्त कदम उठाए जाएं.
सीयूईटी-यूजी देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली प्रमुख परीक्षा है. ऐसे में परीक्षा के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ी ने छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. हालांकि एनटीए द्वारा प्रभावित अभ्यर्थियों को पुनर्परीक्षा का अवसर देने की घोषणा के बाद राहत की भावना देखी जा रही है.
अब सभी प्रभावित छात्रों की नजर एनटीए द्वारा जारी किए जाने वाले पुनर्परीक्षा कार्यक्रम पर टिकी है. एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और तकनीकी समस्या से प्रभावित सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराया जाएगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

