आईपीएल के नियमों में बदलाव चाहते हैं सचिन तेंदुलकर, इम्पैक्ट प्लेयर हटाने और गेंदबाजों को अतिरिक्त ओवर देने की वकालत

आईपीएल के नियमों में बदलाव चाहते हैं सचिन तेंदुलकर, इम्पैक्ट प्लेयर हटाने और गेंदबाजों को अतिरिक्त ओवर देने की वकालत

प्रेषित समय :22:49:00 PM / Sun, May 31st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई। भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा नियमों में बड़े बदलाव की जरूरत बताते हुए इम्पैक्ट प्लेयर नियम को समाप्त करने की वकालत की है। इसके साथ ही उन्होंने बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। तेंदुलकर का मानना है कि मौजूदा नियमों के कारण टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों को अत्यधिक लाभ मिल रहा है, जबकि गेंदबाज लगातार दबाव में खेल रहे हैं।

ईएसपीएनक्रिकइन्फो अवॉर्ड्स कार्यक्रम के दौरान अपने विचार रखते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें लगता है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार टी-20 प्रारूप में पहले से ही बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर मिलता है और ऐसे में एक अतिरिक्त बल्लेबाज को शामिल करने की अनुमति देने से मुकाबला और अधिक एकतरफा हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब टीम को केवल 20 ओवर ही खेलने होते हैं और फिर भी एक अतिरिक्त बल्लेबाज मैदान पर उतर सकता है, तो इससे गेंदबाजों के लिए चुनौती और बढ़ जाती है।

गौरतलब है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम को आईपीएल में वर्ष 2023 में लागू किया गया था। इस नियम के तहत किसी भी टीम को मैच के दौरान अपनी अंतिम एकादश के किसी खिलाड़ी की जगह पांच विकल्प खिलाड़ियों में से किसी एक को उतारने की अनुमति मिलती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य रणनीतिक विकल्पों को बढ़ाना था, लेकिन इसके लागू होने के बाद से इसे लेकर लगातार बहस जारी है।

सचिन तेंदुलकर का मानना है कि हाल के वर्षों में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिचों और बड़े स्कोरों के चलते पहले ही गेंदबाजों की भूमिका कठिन हो चुकी है। ऐसे में इम्पैक्ट प्लेयर नियम इस असंतुलन को और बढ़ा देता है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट का आकर्षण तभी बना रहता है जब बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को बराबरी का मौका मिले।

इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर पहले भी कई बड़े क्रिकेटरों ने चिंता जताई है। भारतीय कप्तान Shubman Gill और पूर्व कप्तान Rohit Sharma भी इस नियम पर सवाल उठा चुके हैं। उनका मानना है कि इससे खेल में ऑलराउंडरों का महत्व कम होता है और रणनीतिक संतुलन प्रभावित होता है।

सचिन ने केवल इम्पैक्ट प्लेयर नियम को हटाने की बात ही नहीं कही, बल्कि पावरप्ले व्यवस्था में भी बदलाव का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शुरुआती छह ओवर बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद होते हैं क्योंकि केवल दो फील्डर ही 30 गज के घेरे के बाहर रह सकते हैं। उनके अनुसार पहले चार ओवर मौजूदा नियमों के अनुसार खेले जा सकते हैं, लेकिन बाकी दो ओवरों का उपयोग फील्डिंग कप्तान अपनी रणनीति के अनुसार मैच के किसी भी चरण में कर सके। इन दो ओवरों के दौरान भी केवल दो फील्डर बाहर रहेंगे। तेंदुलकर का मानना है कि इससे फील्डिंग टीम को खेल पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और मुकाबला अधिक रोमांचक बनेगा।

इसके अलावा सचिन ने गेंदबाजों के लिए एक और बड़ा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक टीम के एक गेंदबाज को चार की जगह पांच ओवर फेंकने की अनुमति मिलनी चाहिए। उनके अनुसार टीम का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज अतिरिक्त ओवर डाल सकेगा, जिससे बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच बेहतर प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शीर्ष बल्लेबाज पूरे 20 ओवर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, तो फिर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को केवल चार ओवर तक ही सीमित क्यों रखा जाए।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि तेंदुलकर के सुझावों ने आईपीएल और टी-20 क्रिकेट के भविष्य को लेकर एक नई बहस शुरू कर दी है। हाल के वर्षों में रिकॉर्ड स्कोर और बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे के बीच क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज हुई है कि खेल में संतुलन बनाए रखने के लिए नियमों में बदलाव की जरूरत है या नहीं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और आईपीएल संचालन परिषद इन सुझावों पर किस प्रकार विचार करती है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-