बरगी क्रूज हादसे में बड़ा मोड़ तीन अधिकारियों से घंटों पूछताछ, इंजन खराबी की चेतावनी पर आयोग के तीखे सवाल

बरगी क्रूज हादसे में बड़ा मोड़ तीन अधिकारियों से घंटों पूछताछ, इंजन खराबी की चेतावनी पर आयोग के तीखे सवाल

प्रेषित समय :21:24:41 PM / Sun, May 31st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. बरगी बांध में हुए बहुचर्चित क्रूज हादसे की न्यायिक जांच आयोग ने शुक्रवार से अपनी औपचारिक और जमीनी जांच प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है.  आयोग ने मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के तीन अधिकारियों को तलब कर उनसे घंटों तक पूछताछ की. कलेक्टर कार्यालय में हुई इस सुनवाई के दौरान आयोग ने क्रूज संचालन, तकनीकी जांच, सुरक्षा प्रबंधों और हादसे के बाद किए गए राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए. आयोग की पूछताछ से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि जांच का दायरा केवल हादसे की परिस्थितियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे जुड़े प्रशासनिक निर्णयों और विभागीय प्रक्रियाओं की भी गहन समीक्षा की जाएगी.

सुनवाई के दौरान आयोग ने सबसे पहले बरगी बांध में क्रूज संचालन की पूरी व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी. अधिकारियों से पूछा गया कि संबंधित क्रूज का संचालन कब से किया जा रहा था और क्या उसकी नियमित तकनीकी जांच निर्धारित मानकों के अनुसार कराई जाती थी. आयोग ने यह भी जानना चाहा कि क्रूज के रखरखाव, फिटनेस और सुरक्षा संबंधी परीक्षणों का रिकॉर्ड किस प्रकार रखा जाता था तथा क्या इन प्रक्रियाओं का समय पर पालन किया गया था.

जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा इंजन की तकनीकी खराबी से संबंधित पत्र को लेकर सामने आया. आयोग ने अधिकारियों से पूछा कि हादसे से पहले तत्कालीन प्रबंधक द्वारा इंजन में आ रही समस्याओं और तकनीकी खामियों को लेकर भेजे गए पत्र पर क्या कार्रवाई की गई थी. अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया कि यदि तकनीकी समस्याओं की जानकारी पहले से उपलब्ध थी, तो उनका निराकरण समय रहते क्यों नहीं किया गया. आयोग ने यह भी पूछा कि संबंधित शिकायतों के बावजूद क्रूज का संचालन जारी रखने का निर्णय किस आधार पर लिया गया था.

सुनवाई के दौरान हादसे के बाद किए गए राहत और बचाव कार्य भी चर्चा का प्रमुख विषय रहे. आयोग ने अधिकारियों से पूछा कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद बचाव दल को मौके पर पहुंचने में कितना समय लगा और शुरुआती चरण में किस प्रकार की कार्रवाई की गई. इसके साथ ही यह जानकारी भी मांगी गई कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूर्व निर्धारित व्यवस्था क्या थी और मौके पर पर्याप्त जीवन रक्षक संसाधन उपलब्ध थे या नहीं.

आयोग ने पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत जानकारी जुटाई. अधिकारियों से पूछा गया कि क्रूज में उपलब्ध लाइफ जैकेटों की संख्या कितनी थी, यात्रियों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से मानक लागू किए गए थे और क्या उनका पालन किया जा रहा था. इसके अलावा क्रूज की यात्री क्षमता, सुरक्षा प्रशिक्षण और संचालन से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी सवाल किए गए.

तकनीकी पक्ष की जांच करते हुए आयोग ने यह भी जानकारी मांगी कि संबंधित क्रूज कब खरीदा गया था और वर्तमान समय तक उसकी संचालन क्षमता का मूल्यांकन किस प्रकार किया जाता रहा. अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया कि लंबे समय तक उपयोग में रहने के बावजूद क्रूज को सुरक्षित और संचालन योग्य बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए गए थे. आयोग यह भी जानना चाहता है कि क्या हादसे से पहले किसी स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी द्वारा इसकी जांच कराई गई थी.

मौसम संबंधी परिस्थितियां भी आयोग की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं. अधिकारियों से पूछा गया कि हादसे वाले दिन मौसम को लेकर कोई चेतावनी या विशेष सूचना प्राप्त हुई थी या नहीं. यदि ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध थी तो उसके आधार पर संचालन संबंधी क्या निर्णय लिए गए थे. आयोग ने इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया कि मौसम और सुरक्षा संबंधी जोखिमों का आकलन किस प्रकार किया जाता था.

30 अप्रैल को हुए इस हादसे ने प्रदेशभर में व्यापक चर्चा को जन्म दिया था. हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली, सुरक्षा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे. यही कारण है कि न्यायिक जांच आयोग प्रत्येक पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहा है. माना जा रहा है कि आगामी सुनवाई में तकनीकी विशेषज्ञों, संचालन से जुड़े कर्मचारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी बुलाया जा सकता है.

सूत्रों के अनुसार आयोग ने अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और जवाबों का परीक्षण शुरू कर दिया है. जांच के अगले चरण में विभिन्न अभिलेखों, तकनीकी रिपोर्टों और प्रशासनिक निर्णयों का मिलान किया जाएगा. आयोग यह निर्धारित करने का प्रयास कर रहा है कि हादसे के पीछे तकनीकी कारण अधिक जिम्मेदार थे या फिर संचालन और प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं में कोई कमी रह गई थी.

पहले दिन की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जांच आयोग मामले की गहराई तक पहुंचने के लिए हर संभव पहलू की समीक्षा कर रहा है. मृतकों के परिजन और आम नागरिक इस जांच से निष्पक्ष निष्कर्ष और जवाबदेही तय होने की उम्मीद लगाए हुए हैं. आने वाले दिनों में आयोग की आगे की कार्रवाई और सुनवाई से इस बहुचर्चित हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-