सिर्फ टहलना नहीं, लंबी उम्र की दवा है वॉकिंग, हार्ट सर्जन ने बताए इसके 3 बड़े फायदे

सिर्फ टहलना नहीं, लंबी उम्र की दवा है वॉकिंग, हार्ट सर्जन ने बताए इसके 3 बड़े फायदे

प्रेषित समय :21:50:59 PM / Wed, Jun 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और अनियमित दिनचर्या के बीच फिट रहने के लिए लोग तरह-तरह की एक्सरसाइज और वर्कआउट अपनाते हैं. हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी सेहत के लिए हमेशा कठिन व्यायाम की जरूरत नहीं होती. कई बार एक साधारण आदत भी शरीर और दिमाग पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. नियमित रूप से पैदल चलना यानी वॉकिंग ऐसी ही एक आदत है, जिसे अब स्वास्थ्य जगत में सबसे प्रभावी और आसान व्यायामों में गिना जा रहा है.

हृदय रोग विशेषज्ञ और कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने हाल ही में वॉकिंग के फायदों पर प्रकाश डालते हुए इसे एक तरह की “दवा” बताया है. करीब 25 वर्षों के अनुभव वाले डॉ. लंदन का कहना है कि पैदल चलना बेहद सरल गतिविधि है, लेकिन इसके लाभ बेहद व्यापक हैं. उनका मानना है कि नियमित वॉकिंग न केवल शरीर को स्वस्थ रखती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है.

विशेषज्ञों के अनुसार सप्ताह में कम से कम 150 मिनट तेज गति से पैदल चलना कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है. इससे हृदय रोग, स्ट्रोक, मधुमेह और कुछ प्रकार के कैंसर जैसी समस्याओं का खतरा घटता है. साथ ही रक्तचाप, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है.

डॉ. जेरेमी लंदन ने वॉकिंग के तीन प्रमुख लाभ बताए हैं. उनके अनुसार सबसे बड़ा फायदा यह है कि नियमित पैदल चलने से किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है. उन्होंने बताया कि वॉकिंग एक ‘डोज-डिपेंडेंट’ गतिविधि है, यानी जितना अधिक चलेंगे, उतना अधिक लाभ मिलेगा. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि बहुत अधिक चलना ही जरूरी है. मध्यम स्तर की वॉकिंग भी स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डालती है और जीवन प्रत्याशा बढ़ाने में मदद कर सकती है.

दूसरा बड़ा लाभ हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से जुड़ा है. डॉ. लंदन के अनुसार नियमित वॉकिंग हृदय रोगों के खतरे को कम करती है. यह रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक होती है, ब्लड शुगर को संतुलित करती है और शरीर के वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है. उनका कहना है कि वॉकिंग शरीर की संपूर्ण मेटाबॉलिक प्रणाली को बेहतर बनाती है और हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

तीसरा महत्वपूर्ण लाभ मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित है. विशेषज्ञों का कहना है कि पैदल चलना केवल शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क के लिए भी बेहद लाभकारी है. नियमित वॉकिंग से मानसिक तनाव कम होता है, मूड बेहतर होता है और संज्ञानात्मक क्षमताओं में सुधार आता है. कई शोधों में पाया गया है कि नियमित रूप से चलने वाले लोगों में उम्र बढ़ने के साथ होने वाली मानसिक क्षमताओं में गिरावट का जोखिम कम हो सकता है.

डॉ. लंदन का मानना है कि वॉकिंग का एक ऐसा फायदा भी है जिसे वैज्ञानिक अध्ययन पूरी तरह माप नहीं पाते. उनके अनुसार जब कोई व्यक्ति खुली हवा में टहलता है तो उसे स्वयं के साथ समय बिताने का अवसर मिलता है. चाहे वह अकेले चले या किसी साथी के साथ, यह समय मानसिक स्पष्टता और आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करता है. कई लोगों को जीवन के महत्वपूर्ण विचार और समाधान टहलते समय ही सूझते हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि वॉकिंग की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता है. इसके लिए किसी महंगे उपकरण, जिम सदस्यता या विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती. अधिकांश लोग इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा आसानी से बना सकते हैं. सुबह या शाम की नियमित सैर न केवल शरीर को सक्रिय रखती है, बल्कि दिनभर की थकान और तनाव को भी कम करने में मदद करती है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से सक्षम है तो उसे नियमित रूप से पैदल चलने की आदत विकसित करनी चाहिए. शुरुआत में कम समय के लिए चलकर धीरे-धीरे अवधि और गति बढ़ाई जा सकती है. उनका मानना है कि स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में यह सबसे आसान, सुरक्षित और प्रभावी कदमों में से एक है.

आज जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, तब नियमित वॉकिंग एक सरल लेकिन शक्तिशाली उपाय बनकर सामने आई है. विशेषज्ञों का संदेश साफ है कि अच्छी सेहत के लिए हमेशा कठिन वर्कआउट जरूरी नहीं होता. कई बार रोजाना की एक साधारण सैर भी लंबे और स्वस्थ जीवन की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-