आरबीआई का अनुमान, देश में बढ़ेगी महंगाई, रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर रखा स्थिर, विकास दर अनुमान घटाया

आरबीआई का अनुमान, देश में बढ़ेगी महंगाई, रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर रखा स्थिर, विकास दर अनुमान घटाया

प्रेषित समय :13:30:40 PM / Fri, Jun 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और महंगाई के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है. केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया. इसके साथ ही आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है, जबकि खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया गया है.

ईएमआई पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव

रेपो रेट स्थिर रहने से होम लोन, वाहन ऋण और अन्य कर्जों की ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. इसका सीधा लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनकी मासिक किस्त (ईएमआई) चल रही है. आरबीआई ने अपने मौद्रिक नीति रुख को भी न्यूट्रल बनाए रखा है, जिससे भविष्य में आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार दरों में बदलाव की गुंजाइश बनी रहेगी.

वैश्विक संकट और महंगाई चिंता का कारण

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितताएं भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई हैं. इन्हीं कारणों से महंगाई का दबाव बढऩे की आशंका है. अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.48 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसमें सोना-चांदी और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का योगदान रहा.

रियल एस्टेट सेक्टर को मिली राहत

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट स्थिर रहने से हाउसिंग सेक्टर को राहत मिलेगी. इससे होम लोन की लागत नहीं बढ़ेगी और खरीदारों का भरोसा बना रहेगा. हालांकि निर्माण सामग्री और श्रम लागत में बढ़ोतरी से डेवलपर्स पर दबाव बना हुआ है.

आगे दर बढ़ोतरी की संभावना बरकरार

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, रुपये पर दबाव बढ़ा या महंगाई नियंत्रण से बाहर हुई तो आने वाले महीनों में आरबीआई ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है. फिलहाल केंद्रीय बैंक ने आर्थिक गतिविधियों और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-