जबलपुर. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर गठित जांच दल द्वारा मंजूषा नर्सिंग होम सदर रोड का शुक्रवार को निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल में रिकॉर्ड संधारण, दस्तावेजीकरण एवं मरीज संबंधी अभिलेखों के रखरखाव में विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं.
जांच के दौरान यह पाया गया कि उपचार संबंधी अभिलेख एवं केस फाइलें समुचित रूप से संधारित नहीं की गई थीं, आवश्यक लिखित सहमति पत्र उपलब्ध नहीं थे. निरीक्षण के समय प्रशिक्षित स्टाफ नर्स उपलब्ध नहीं पाई गई. मरीजों की जानकारी अनमोल पोर्टल पर दर्ज नहीं की जा रही थी. इसके अतिरिक्त रिकॉर्ड संधारण एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई.
उक्त तथ्यों के आधार पर संस्थान को मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूग्णोपचार संबंधी स्थापनाएं रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन, अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है. संस्थान को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु 07 दिवस का समय दिया गया है. साथ ही जनहित एवं मरीज सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए मंजूषा नर्सिंग होम का संचालन तत्काल प्रभाव से 15 दिवस की अवधि हेतु अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि में संस्थान किसी भी नवीन मरीज को भर्ती नहीं करेगा.
उल्लेखनीय है कि शिकायत से संबंधित महिला मरीज की मृत्यु नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में हुई है. मृत्यु के वास्तविक कारणों एवं उपचार संबंधी चिकित्सकीय अभिमत के संबंध में मेडिकल कॉलेज स्तर पर विस्तृत जांच की जा रही है. मेडिकल कॉलेज द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत तथा संस्थान द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
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