जबलपुर. एमपी के जबलपुर एक करोड़ रुपए से अधिक के गेहूं घोटाले का खुलासा हुआ है. प्रशासनिक जांच में खरीदी केंद्र प्रभारी, सहायक खाद्य अधिकारी सहित 10 लोगों की भूमिका सामने आने के बाद सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.
मामला मझौली स्थित मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस का है, जहां जांच के दौरान 5167.70 क्विंटल गेहूं कम मिला. गायब गेहूं की कीमत करीब 1 करोड़ 37 लाख रुपए आंकी गई है. जांच में किसानों से अवैध वसूली किए जाने का मामला भी सामने आया है. जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले प्रशासन की टीम ने अचानक मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस में निरीक्षण किया था. जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला. स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन द्वारा 92,250 बारदाने उपलब्ध कराए गए थे, जबकि खरीदी केंद्र में 48,347 क्विंटल गेहूं के हिसाब से ही बारदानों का उपयोग पाया गया.
इसके विपरीत पोर्टल पर 96,694 बारदाने अपलोड किए गए थे. जांच में यह भी सामने आया कि एसडीएम ने खरीदी केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए थे कि खरीदी के अंतिम दिनों में किसानों की तौल पर्चियों में दर्ज जानकारी को नोडल अधिकारी से प्रमाणित कराया जाए, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. आशंका जताई जा रही है कि फर्जी एंट्री करने के उद्देश्य से नियमों की अनदेखी की गई.
महिला कर्मचारियों की नहीं हुई नियुक्ति-
प्रशासनिक जांच में यह भी पाया गया कि शासन के निर्देशानुसार खरीदी कार्य में महिला कर्मचारियों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन इसके उलट अमन पांडे और आकाश पांडे को नियम विरुद्ध तरीके से काम में लगाया गया. दोनों खरीदी केंद्र में तुलाई, सिलाई और तौल का काम कर रहे थे. इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर मयूरी लोधी और शुभम बर्मन पोर्टल पर डेटा अपलोड करते थे.
10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज-
जिला प्रशासन की शिकायत पर मझौली थाने में 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आरोपियों में उपार्जन समिति भूमि ग्राम संगठन की अध्यक्ष एवं खरीदी केंद्र प्रभारी रीना लोधी, शुभम बर्मन, मयूरी लोधी, प्रमोद कुमार मिश्रा, प्रकाश पांडे, आनंद भारसाकले, अमन पांडे, आकाश पांडे, अनिल पटेल और रिंकू साहू शामिल हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

