11 दिन की मौन साधना में लीन हुईं साध्वी हर्षानंद, जबलपुर नर्मदा तट पर पूजा-अर्चना की

11 दिन की मौन साधना में लीन हुईं साध्वी हर्षानंद, जबलपुर नर्मदा तट पर पूजा-अर्चना की

प्रेषित समय :19:21:43 PM / Sat, Jun 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. प्रयागराज महाकुम्भ से चर्चाओं में आई साध्वी हर्षा रिछारिया उर्फ साध्वी हर्षानंद गिरि 11 दिवसीय एकांत साधना में चली गई हैं. जबलपुर के मां नर्मदा तट स्थित गौरीघाट पर पूजा-अर्चना के साथ उन्होंने मौन व्रत और एकांतवास की शुरुआत की.

एकांत साधना पर जाने से पहले साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि वर्तमान समय युद्ध और अशांति का दौर है. देश की जनता को महंगाई से राहत मिले और भारत हिंदू राष्ट्र बने, इसी कामना के साथ वह यह विशेष साधना कर रही हैं. उन्होंने बताया कि अब वह 11 दिनों तक मौन व्रत में रहेंगी और 15 जून को गौरीघाट पर ही साधना पूर्ण होने के बाद लोगों से संवाद करेंगी. 15 तारीख को 11 दिन पूर्ण होने पर शाम को साध्वी हर्षानंद गौरीघाट पहुंचेगी, और आरती के पश्चात प्रसाद वितरण के साथ ही साधना को विराम दिया जाएगा.

उनका कहना है कि अगर 2 उद्देश्य भी पूर्ण हो जाते हैं तो जल्दी ही वो नर्मदा जी की पैदल परिक्रमा पर निकल जायेंगी. साध्वी हर्षानंद गिरि ने आगे कहा कि मनुष्य अगर धार्मिक मार्ग में चलता है, तो उसे कभी-कभी एकांतवास में भी रहना चाहिए. उस समय ना मीडिया, ना सोशल मीडिया और ना समाज, कुछ की आवश्यकता नहीं होती है. यह सब करने से मन पवित्र होता है. उनका कहना है कि अभी जिन देशों में युद्ध चल रहा है, उसका असर हमारे भारत में भी पड़ रहा है,सबसे ज्यादा मध्यमवर्गीय परिवार इस युद्ध का शिकार हो रहे है.

साध्वी हर्षानंद ने कहा कि वह चाहती है कि युद्ध रूक जाए और चारों तरफ शांति ही शांति रहे. हमारा देश वापस सामान्य परिस्थिति में आ जाए. जिससे कि मंहगाई कम हो और देश की जनता खुशहाल हो.

अन्य त्याग और जूते चप्पल भी नहीं पहनेंगी-

साध्वी हर्षानंद गिरि 11 दिवसीय मौनव्रत के साथ ही 11 दिवसीय अन्न त्याग, 11 दिवसीय जूते चप्पल का त्याग और 11 दिवसीय एकांत एवं मौन ध्यान साधना मां नर्मदा के तट पर करने का संकल्प लिया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-