रांची. झारखंड के लिए कृषि और बागवानी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है. राज्य में उगाए गए प्रसिद्ध ‘आम्रपाली’ आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने लगे हैं. भारत ने झारखंड से यूनाइटेड किंगडम (यूके) को 1.5 टन ताजा आम्रपाली आम की पहली खेप निर्यात की है. इस उपलब्धि के साथ झारखंड ताजे फलों का निर्यात करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है और राज्य के किसानों, विशेष रूप से महिला किसानों के लिए वैश्विक बाजारों के नए द्वार खुल गए हैं.
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार आमों की यह पहली खेप 4 जून को कोलकाता से लंदन के लिए रवाना की गई. यह निर्यात झारखंड के सिमडेगा जिले के बानो ब्लॉक स्थित बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से संभव हुआ है. विशेष बात यह है कि यह एक पूर्णतः महिला किसान उत्पादक कंपनी है, जिसमें सभी सदस्य महिलाएं हैं. यह संगठन स्थानीय महिला किसानों को एक मंच प्रदान कर कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
इस निर्यात को झारखंड की कृषि क्षमता और महिला सशक्तिकरण के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है. वर्षों से स्थानीय स्तर पर सीमित बाजारों में बिकने वाले आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे. इससे न केवल किसानों की आय बढ़ने की संभावना है, बल्कि राज्य की कृषि उपज को वैश्विक पहचान भी मिलेगी.
इस खेप का निर्यात कोलकाता स्थित कंपनी जेजीबी एग्रोफ्रेश प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. कंपनी ने झारखंड के किसानों से आम खरीदकर उन्हें यूनाइटेड किंगडम के बाजार में भेजने की व्यवस्था की है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस पहल को निरंतरता मिलती है तो भविष्य में झारखंड से अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत होंगी.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि झारखंड की कृषि-जलवायु परिस्थितियां बागवानी फसलों के लिए बेहद अनुकूल हैं. राज्य में उगाई जाने वाली आम्रपाली किस्म अपने उत्कृष्ट स्वाद, गुणवत्ता, आकर्षक रंग और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने की क्षमता के कारण बाजार में विशेष पहचान रखती है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इसकी मांग बढ़ रही है.
इस उपलब्धि में Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (एपीडा) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. एपीडा ने निर्यात योग्य गुणवत्ता वाले आमों की खरीद के लिए बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और जेजीबी एग्रोफ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के बीच समन्वय स्थापित करने में सहायता की. इसके अलावा संस्था ने गुणवत्ता मानकों, निर्यात प्रक्रियाओं और बाजार संपर्क से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा कराने में भी सहयोग किया.
एपीडा लंबे समय से भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है. संस्था बाजार विकास, क्षमता निर्माण, गुणवत्ता सुधार, ट्रेसबिलिटी सिस्टम और निर्यात प्रोत्साहन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों और उत्पादक संगठनों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का काम करती है. विशेष रूप से महिला नेतृत्व वाले और आदिवासी क्षेत्रों के किसान संगठनों को निर्यात गतिविधियों में शामिल करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने भी इस उपलब्धि को लेकर खुशी जताई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की. उन्होंने इसे महिला किसानों की मेहनत और भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र की बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्यात केवल एक कारोबारी उपलब्धि नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलने से किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि को अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकेगा.
झारखंड के आम्रपाली आम की पहली अंतरराष्ट्रीय खेप ने यह साबित कर दिया है कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन, बाजार और संस्थागत सहयोग मिले तो देश के दूरदराज के क्षेत्रों की कृषि उपज भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकती है. अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में झारखंड से आम सहित अन्य बागवानी उत्पादों का निर्यात भी तेजी से बढ़ेगा और राज्य के किसान वैश्विक कृषि व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

