जबलपुर. एमपी के जबलपुर स्थित बेलखेड़ा में आज उस वक्त हड़कम्प मच गया, जब ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए धरना व प्रदर्शन शुरु कर दिया. ग्रामीणों का कहना था कि घायल युवक का इलाज कराने के बजाय थाना के लाकअप में तीन घंटे तक रखा, जिसके चलते आज सुबह अस्पताल में उसकी मौत हो गई. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने बेलखेड़ा थाने का घेराव कर शव को थाने में ही रख दिया है. वहीं मुख्य मार्ग को जाम करते हुए संबंधित पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की.
खबर है कि बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया कलां निवासी उमेश उर्फ इंदर पिता तेजी सिंह, उम्र 30 वर्ष का बीती शाम गांव में ही कुछ लोगों से विवाद हो गया था. विवाद के दौरान दबंगों ने उमेश के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले में उमेश के सिर पर गंभीर चोटें आई. उमेश को खून से लथपथ हालत में परिजन थाना लेकर पहुंचे, जहां पर पुलिस ने घायल का इलाज कराने के बजाय थाना के लाकअप में तीन घंटे तक बंद रखा, जिससे उमेश की हालत बिगड़ती ही चली गई और वह खून की उल्टियां करने लगा, फर्श पर खून बहता रहा. लॉकअप के भीतर ही उमेश की भाभी अपनी धोती से खून और उल्टियां साफ करती रही.
इसके बाद भी पुलिस कर्मी सबकुछ देखते रहे, लेकिन इलाज के लिए नहीं अस्पताल नहीं ले गए. वहीं दूसरी ओर, हमलावर और अनावेदक थाने के बाहर आराम से बैठे रहे. बताया जा रहा है कि अनावेदकों को स्थानीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके दबाव में पुलिस काम कर रही थी.स्थिति अत्यधिक बिगडऩे पर जब घायल को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, तो इलाज के दौरान आज सुबह उमेश की मौत हो गई.
मौत की खबर सुनते ही पिपरिया कलां के ग्रामीण और परिजन भड़क उठे. सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने बेलखेड़ा थाने को घेराव कर दिया. खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिन्होने लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि जांच के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी. वहीं मामले को लेकर एसपी संपत उपाध्याय ने मामले की जांच के निर्देश दे दिए है. घटना दिनांक के सीसीटीवी फुटेज व अन्य तथ्य देखे जा रहे हैं. रिपोर्ट जल्द ही पुलिस अधीक्षक को सौंप दी जाएगी. वहीं जिस घटना में मृतक घायल हुआ था उसकी एफआईआर 9 जून को दर्ज कर ली गई थी, अब उसमें धाराओं को बढ़ाया जाएगा.
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