जबलपुर. राज्यसभा सांसद के लिए कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में आज जबलपुर तहसील कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी तरीके से निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया.
कांग्रेस के नगर एवं ग्रामीण अध्यक्ष सौरभ शर्मा, संजय यादव सहित कई कार्यकर्ता धरने पर बैठे. धरने में मौजूद कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने भाजपा पर तंज कसते हुए तुलना कचरे से कर दी. कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि हमारे प्रत्याशी की गांधीवादी विचारधारा है. उन्होंने अपना सारा जीवन महिला सशक्तिकरण पर लगा दिया है. भारतीय जनता पार्टी जहां नारी शक्तिकरण की बात करती है, वहीं आज यह सब करने के बाद स्पष्ट हो चुका है कि एक नारी के हकों के साथ कुठाराघात किया गया है. पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चाहे कचरे में जितना भी अभ्रक (चांदी वर्क) लगा ले, कचरा मिठाई नहीं हो सकता है.
जो है वह सबके सामने हैं और प्रदेश की पूरी जनता यह सब कारनामा देख रही है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र को कलंकित करने में जुटी हुई है. संविधान की आज धज्जियां उड़ रही है. आज राजनीति की स्वस्थ परंपरा की अवहेलना की जा रही है. नियम, संविधान, कानून, परंपरा भारतीय जनता पार्टी यह सबको कुछ नहीं समझती है. उन्होंने कहा कि बिल्कुल स्पष्ट था कि कांग्रेस के पास एक राज्यसभा सांसद के लिए पर्याप्त बहुमत था. जबकि भारतीय जनता पार्टी के पास दो राज्यसभा सांसद के लिए विधायकों की संख्या थी. विधायक ने यह भी कहा कि राजनीति की एक स्वस्थ परंपरा यह होती है कि अच्छे मन से यह स्वीकार कर लेते की राज्यसभा में दो सांसद आपके हैं और एक विपक्ष का, लेकिन उनके मन में पाप था इसलिए उन्होंने तीसरा कैंडिडेट भी खड़ा कर दिया.
इसके बाद हमारे विधायकों को तोडऩे की कोशिश भी की, जब यहां पर भी बात नहीं बनी तो, भारतीय जनता पार्टी ने ऐसा घिनौना कृत्य किया है, जो हिंदुस्तान के लोकतंत्र की प्रक्रिया को कलंकित करती है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि इस तरह का काम आज तक कभी भी राजनीति के इतिहास में देखने को नहीं मिला है. निर्वाचन अधिकारी ने जिस आधार पर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया है, वह बड़ा ही हास्यास्पद लग रहा है, या तो निर्वाचन अधिकारी को ज्ञान की कमी है या फिर भारतीय जनता पार्टी की हठधर्मिता है. सरकार हर चीज में एकाधिकार चाहती है. रावण का भी बहुत अहंकार था पर उसका भी घमंड चूर हो गया था.
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