दो दशक बाद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचेगी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, दीक्षांत समारोह बनेगा ऐतिहासिक

दो दशक बाद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचेगी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, दीक्षांत समारोह बनेगा ऐतिहासिक

प्रेषित समय :20:38:23 PM / Wed, Jun 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी. राष्ट्रपति भवन से कार्यक्रम के लिए औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. 

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 21 जून को आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में विभिन्न संकायों के 141 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 240 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे. इसके साथ ही पीएचडी पूर्ण कर चुके शोधार्थियों को भी उपाधियां प्रदान की जाएंगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति इस समारोह को विशेष महत्व प्रदान करेगी.

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था. उसके बाद पहली बार किसी राष्ट्रपति की मौजूदगी में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित होने जा रहा है. इस कारण यह आयोजन विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है.

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाले इस समारोह की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगू भाई पटेल करेंगे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. राष्ट्रपति भवन द्वारा समारोह के लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है. ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारी में जुटा हुआ है.

दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं और पीएचडी पूर्ण कर चुके शोधार्थियों के लिए भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं. राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए पंजीयन प्रक्रिया की समय सीमा में संशोधन किया गया है. पहले जहां ऑनलाइन आवेदन और पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित थी, वहीं अब इसे घटाकर 12 जून 2026 को शाम पांच बजे तक कर दिया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीयन पूर्ण करने का आग्रह किया है.

समारोह की गरिमा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए रिहर्सल को अनिवार्य बनाया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 18 और 19 जून को सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएंगे. इसके बाद 20 जून को पूर्ण गणवेश में फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ता, शोधार्थी तथा संबंधित अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे. 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-