जबलपुर/कटनी. पमरे के जबलपुर मंडल के न्यू कटनी जंक्शन (एनकेजे) में रेलवे सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. बताया जाता है कि शुक्रवार की देर रात 10.50 बजे लोको पायलट चेतन मीणा को रात्रि 22:50 बजे निर्धारित ट्रेन के संचालन हेतु ड्यूटी दी गई थी.
साइन-ऑन के दौरान किए गए ब्रीथ एनालाइजर परीक्षण में उनके अल्कोहल टेस्ट का परिणाम कथित रूप से पॉजिटिव पाया गया. जिसके बाद उसे एनकेजे रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां पर मौका पाकर लोको पायलट गेट से ही भाग निकला. बाद में घटना की शिकायत रेल प्रशासन की ओर से जीआरपी में भी की गई है.
सूत्रों के अनुसार नियमानुसार रक्त परीक्षण के लिए लोको इंस्पेक्टर आर. के. पाल उन्हें एनकेजे रेलवे अस्पताल ले जा रहे थे. इसी दौरान उनके दो सहयोगी, राजदीप माधव और प्रशांत यादव, उन्हें वहां से अपने साथ ले गए. बताया जा रहा है कि बाद में संबंधित कर्मचारी एमजीएम अस्पताल में भर्ती हो गए.
बताया जाता है कि रक्त में अल्कोहल की मात्रा की पुष्टि के लिए लोको पायलट का आवश्यक रक्त नमूना शनिवार की सुबह लगभग 6 बजे तक नहीं दिया गया. आरोप यह भी है कि इस दौरान ऐसी दवाइयां ली गईं जिनसे रक्त में अल्कोहल की मात्रा प्रभावित हो सकती थी. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
सूत्रों के मुताबिक घटना की जानकारी रेलवे के उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई थी. इसके बावजूद मामले को लेकर कर्मचारियों और रेल सुरक्षा से जुड़े लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं. रेलवे में लोको पायलट पर ट्रेन संचालन में हजारों यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है, ऐसे में यदि किसी कर्मचारी का अल्कोहल टेस्ट पॉजिटिव पाया जाता है तो निर्धारित प्रक्रिया का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.
अब यह देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है और क्या इस प्रकरण में रेलवे सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित न रहकर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन सकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

